होली के रंगों से भरे उत्सव का समापन रंग पंचमी के साथ होता है। यह पर्व होली के पांच दिन बाद मनाया जाता है और इसका धार्मिक तथा आध्यात्मिक महत्व बेहद खास माना जाता है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी को रंग अर्पित कर पूजा की जाती है। मान्यता है कि रंग पंचमी के दिन भगवान स्वयं अपने भक्तों के साथ दिव्य रंगोत्सव मनाते हैं।
साल 2026 में रंग पंचमी का पर्व 8 मार्च, रविवार को मनाया जाएगा। इस दिन पूजा, व्रत और कुछ विशेष उपाय करने से जीवन में सुख-समृद्धि, धन और संतान प्राप्ति जैसी मनोकामनाएं पूरी होने की मान्यता है।
हिंदू पंचांग के अनुसार रंग पंचमी चैत्र माह की कृष्ण पक्ष पंचमी तिथि को मनाई जाती है।
हिंदू धर्म में पर्व मनाने के लिए सूर्योदय तिथि को अधिक महत्व दिया जाता है। इसलिए इस वर्ष रंग पंचमी का पर्व 8 मार्च को मनाया जाएगा।
रंग पंचमी का संबंध भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी की लीलाओं से जुड़ा हुआ माना जाता है। ब्रज क्षेत्र, खासकर मथुरा और वृंदावन में इस दिन भव्य रंगोत्सव आयोजित होता है। मंदिरों में भगवान की झांकियां निकाली जाती हैं और भक्त एक-दूसरे को गुलाल लगाकर उत्सव मनाते हैं।
मान्यता है कि इस दिन सकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ जाता है। इसलिए पूजा-पाठ और धार्मिक उपायों का विशेष फल मिलता है। रंग पंचमी को होली उत्सव का अंतिम दिन भी माना जाता है।
जो दंपति संतान प्राप्ति की इच्छा रखते हैं, उनके लिए रंग पंचमी का दिन बहुत शुभ माना जाता है। इस दिन लड्डू गोपाल को गुलाल और मिश्री अर्पित करें। इसके बाद शिवलिंग पर जल में थोड़ा सा शहद मिलाकर अभिषेक करें।
साथ ही राधा-कृष्ण की पूजा करके संतान प्राप्ति की प्रार्थना करें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन श्रद्धा से किया गया यह उपाय संतान सुख की कामना पूरी करने में सहायक माना जाता है।
यदि जीवन में धन से जुड़ी परेशानियां चल रही हैं तो रंग पंचमी पर कुछ खास उपाय किए जा सकते हैं। इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करें। माता लक्ष्मी को गुलाल अर्पित करें और कनकधारा स्तोत्र का पाठ करें।
ऐसा माना जाता है कि इस उपाय से आर्थिक समस्याएं धीरे-धीरे दूर होने लगती हैं और घर में धन-समृद्धि का आगमन होता है।
रंग पंचमी का दिन जीवन में खुशहाली और समृद्धि लाने के लिए भी बहुत शुभ माना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु को पीले रंग का गुलाल अर्पित करें और श्रद्धा के साथ उनकी पूजा करें। पीला रंग भगवान विष्णु को प्रिय माना जाता है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार ऐसा करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और घर में सुख-शांति का वातावरण बना रहता है।
अगर पति-पत्नी के रिश्ते में तनाव या मनमुटाव रहता है तो रंग पंचमी के दिन विशेष पूजा करना लाभकारी माना जाता है।
इस दिन राधा-कृष्ण की पूजा करें और उन्हें गुलाबी रंग का गुलाल अर्पित करें। राधा-कृष्ण का प्रेम आदर्श और पवित्र माना जाता है।
मान्यता है कि इस उपाय से दांपत्य जीवन में प्रेम और समझ बढ़ती है तथा रिश्ते मजबूत होते हैं।