PlayBreaking News

अमेरिकी नेवी का MH-60S सी हॉक हेलीकॉप्टर क्रैश!इमरजेंसी लैंडिंग के दौरान हुआ बड़ा हादसा, 3 जवान सुरक्षित, 1 लापता

अरब सागर में अमेरिकी नौसेना (US Navy) का MH-60S सी हॉक हेलीकॉप्टर इमरजेंसी लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में हेलीकॉप्टर में सवार चार क्रू मेंबर में से तीन को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि एक जवान अब भी लापता है।
Follow on Google News
इमरजेंसी लैंडिंग के दौरान हुआ बड़ा हादसा, 3 जवान सुरक्षित, 1 लापता

अरब सागर में अमेरिकी नौसेना (US Navy) का एक MH-60S सी हॉक (Sea Hawk) हेलीकॉप्टर इमरजेंसी लैंडिंग के दौरान हादसे का शिकार हो गया। इस दुर्घटना में हेलीकॉप्टर में सवार चार क्रू मेंबर में से तीन को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि एक सदस्य अभी भी लापता है। अमेरिकी नौसेना ने बताया है कि लापता जवान की तलाश के लिए बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

इमरजेंसी लैंडिंग के दौरान हुआ हादसा

अमेरिकी नौसेना की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, यह हादसा 1 जुलाई को स्थानीय समय के अनुसार सुबह करीब 3:30 बजे हुआ। हेलीकॉप्टर अरब सागर में उड़ान भर रहा था। इसी दौरान किसी तकनीकी कारण से इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी, लेकिन लैंडिंग के समय हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे के वक्त हेलीकॉप्टर में कुल चार क्रू मेंबर मौजूद थे। दुर्घटना के तुरंत बाद राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया।

3 क्रू मेंबर को सुरक्षित बचाया गया

दुर्घटना के बाद बचाव दल ने तेजी से कार्रवाई करते हुए तीन क्रू मेंबर को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हालांकि, हादसे में उन्हें चोटें आई हैं और उनका इलाज किया जा रहा है। वहीं, चौथा क्रू मेंबर अब भी लापता है। अमेरिकी नौसेना ने उसकी पहचान सार्वजनिक नहीं की है। नौसेना का कहना है कि लापता सदस्य की तलाश लगातार जारी है और बचाव दल हर संभव प्रयास कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें: भारत-अमेरिका ट्रेड डील से पहले बड़ी राहत, ट्रंप प्रशासन ने भारत की 4 कंपनियों से हटाए प्रतिबंध

USS जॉर्ज एच. डब्ल्यू. बुश पर तैनात था हेलीकॉप्टर

अमेरिकी नौसेना के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त MH-60S सी हॉक हेलीकॉप्टर USS George H.W. Bush एयरक्राफ्ट कैरियर पर तैनात था। यह विमानवाहक पोत अमेरिकी नौसेना के सबसे अहम युद्धपोतों में गिना जाता है और अक्सर समुद्री सुरक्षा और सैन्य अभियानों में हिस्सा लेता है। हादसे के बाद एयरक्राफ्ट कैरियर पर मौजूद टीमों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और घायल जवानों को सुरक्षित बाहर निकाला।

अमेरिकी नौसेना ने क्या कहा?

अमेरिकी नौसेना की 5वीं फ्लीट ने साफ किया है कि इस हादसे का किसी दुश्मन देश या हमले से कोई संबंध नहीं है। नौसेना के बयान में कहा गया है कि शुरुआती जांच के अनुसार यह कोई हमला नहीं था। हादसे के पीछे क्या कारण था, इसका पता लगाने के लिए विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही दुर्घटना की असली वजह सामने आएगी।

यह भी पढ़ें: भारत-पाक रिश्तों में नरमी की अपील, 117 हस्तियों ने पीएम नरेंद्र मोदी और शहबाज शरीफ को लिखी चिट्ठी

लापता जवान की तलाश जारी

हादसे के बाद अमेरिकी नौसेना ने आसपास के समुद्री इलाके में सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है। नौसेना के जहाज, हेलीकॉप्टर और बचाव दल लगातार लापता क्रू मेंबर की तलाश कर रहे हैं। 

फिलहाल यह जानकारी नहीं दी गई है कि लापता जवान का पता कब तक चल सकेगा। अधिकारियों का कहना है कि खोज अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक उसे ढूंढ़ नहीं लिया जाता।

क्या है MH-60S सी हॉक हेलीकॉप्टर?

MH-60S सी हॉक अमेरिकी नौसेना का बेहद आधुनिक और भरोसेमंद हेलीकॉप्टर माना जाता है। यह दो इंजन वाला हेलीकॉप्टर है और कई तरह के सैन्य अभियानों में इस्तेमाल किया जाता है। इस हेलीकॉप्टर का उपयोग विशेष सैन्य अभियान, समुद्र में बचाव कार्य, घायल सैनिकों को निकालने, सामान पहुंचाने और अन्य जरूरी मिशनों में किया जाता है।

किन-किन कामों में आता है इस्तेमाल?

MH-60S सी हॉक हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल कई महत्वपूर्ण मिशनों में किया जाता है, जैसे-

  • समुद्र में सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन
  • स्पेशल मिलिट्री ऑपरेशन
  • कार्गो और जरूरी सामान की ढुलाई
  • सैनिकों की आवाजाही
  • समुद्री सुरक्षा मिशन
  • युद्ध के दौरान सहायता अभियान

सी हॉक हेलीकॉप्टर का इतिहास

सी हॉक हेलीकॉप्टर की शुरुआत अमेरिकी सेना के UH-60 ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर से हुई थी। ब्लैक हॉक को पहली बार 1979 में अमेरिकी सेना में शामिल किया गया था। इसके बाद अमेरिकी नौसेना ने अपनी जरूरतों के मुताबिक इसका समुद्री संस्करण तैयार किया। साल 1983 में नौसेना को SH-60B Sea Hawk मिला, जबकि 1988 में SH-60F Sea Hawk को सेवा में शामिल किया गया।

बाद में विकसित किए गए MH-60S Sea Hawk को और ज्यादा आधुनिक बनाया गया। इसका पहला ऑपरेशनल स्क्वाड्रन हेलीकॉप्टर कॉम्बैट सपोर्ट स्क्वाड्रन फाइव (HC-5) था, जिसका मुख्यालय गुआम में स्थापित किया गया था।

जांच के बाद सामने आएगी दुर्घटना की वजह

फिलहाल अमेरिकी नौसेना की प्राथमिकता लापता क्रू मेंबर को सुरक्षित ढूंढ़ना है। इसके साथ ही हादसे की विस्तृत जांच भी शुरू कर दी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि इमरजेंसी लैंडिंग की नौबत क्यों आई और आखिर दुर्घटना किस वजह से हुई।

Garima Vishwakarma
By Garima Vishwakarma

गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

नई दिल्ली
--°
बारिश: -- mmह्यूमिडिटी: --%हवा: --
Source:AccuWeather
icon

Latest Posts