PlayBreaking News

पलक झपकते ही ईरान खत्म!क्या है अमेरिका का घातक LUCAS ड्रोन?

अमेरिका के नए LUCAS (Low-Cost Unmanned Combat Attack System) ड्रोन को लेकर वैश्विक स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। कम लागत में तैयार इस वन-वे अटैक ड्रोन को AI आधारित टारगेटिंग और स्वार्म तकनीक से लैस बताया जा रहा है।
Follow on Google News
क्या है अमेरिका का घातक LUCAS ड्रोन?
Ai Generated
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका के एक नए ड्रोन सिस्टम का नाम तेजी से चर्चा में है- LUCAS। हालिया सैन्य कार्रवाई में इस ड्रोन के इस्तेमाल की खबरों ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है। दावा किया जा रहा है कि यह ड्रोन कम लागत वाला, लेकिन बेहद सटीक हमला करने में सक्षम है। हालांकि, कई दावों की पुष्टि अभी स्पष्ट रूप से सामने नहीं आई है, लेकिन यह तय है कि आधुनिक युद्ध में ड्रोन तकनीक की भूमिका लगातार बढ़ रही है।

    क्या है LUCAS ड्रोन?

    LUCAS का पूरा नाम है Low-Cost Unmanned Combat Attack System। यह एक छोटा, बिना पायलट वाला हमला करने वाला ड्रोन है। इसका डिजाइन डेल्टा-विंग यानी त्रिकोणीय पंखों वाला बताया जाता है।

    Uploaded media

    इसे अमेरिकी कंपनी SpektreWorks ने सैन्य विशेषज्ञों के सहयोग से विकसित किया है। इसकी लंबाई करीब 10 फीट और पंखों का फैलाव लगभग 8 फीट बताया जाता है।

    इसकी अनुमानित कीमत करीब 35 हजार डॉलर बताई जाती है, जो पारंपरिक क्रूज मिसाइलों या फाइटर जेट ऑपरेशन की तुलना में काफी कम है। कम कीमत की वजह से इसे बड़ी संख्या में तैनात किया जा सकता है।

    ईरान के शाहेद-136 से तुलना

    दिलचस्प बात यह है कि LUCAS की तुलना अक्सर ईरान के Shahed-136 ड्रोन से की जाती है। शाहेद-136 को ‘सुसाइड ड्रोन’ या ‘वन-वे अटैक ड्रोन’ कहा जाता है। यह लक्ष्य पर टकराकर खुद को नष्ट कर देता है।
    विशेषज्ञों के मुताबिक LUCAS भी इसी तरह का वन-वे अटैक सिस्टम हो सकता है। लेकिन फर्क तकनीक में बताया जा रहा है। जहां शाहेद-136 मुख्य रूप से GPS आधारित सिस्टम पर निर्भर करता है, वहीं LUCAS में सैटेलाइट कम्युनिकेशन और AI आधारित टारगेटिंग जैसी आधुनिक तकनीक जोड़ी गई है।

    हाइब्रिड वॉरफेयर की नई रणनीति

    रिपोर्ट्स के अनुसार, हालिया ऑपरेशन में केवल ड्रोन ही नहीं बल्कि मिसाइल और फाइटर जेट भी शामिल थे। अमेरिका ने अपने अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों जैसे F-35 Lightning II और F/A-18 Super Hornet का भी इस्तेमाल किया। इसके अलावा Tomahawk cruise मिसाइल जैसी लंबी दूरी की मिसाइलें भी रणनीति का हिस्सा रही हैं। इस तरह की रणनीति को हाइब्रिड वॉरफेयर कहा जाता है, जिसमें अलग-अलग हथियार प्रणालियों को एक साथ इस्तेमाल किया जाता है। इसका मकसद दुश्मन के रडार और रक्षा तंत्र को भ्रमित करना होता है, ताकि वह सही दिशा और हथियार की पहचान न कर सके।

    स्वार्म तकनीक: झुंड में हमला

    LUCAS ड्रोन की सबसे बड़ी खासियत इसकी ‘स्वार्म’ क्षमता बताई जा रही है। स्वार्म का मतलब है- एक साथ कई ड्रोन का झुंड बनाकर हमला करना।
    अगर सैकड़ों ड्रोन एक साथ उड़ान भरें, तो किसी भी देश के लिए उन्हें रोकना बेहद मुश्किल हो सकता है। कम लागत होने की वजह से इन्हें बड़ी संख्या में भेजा जा सकता है। यही वजह है कि भविष्य के युद्ध में ऐसे ड्रोन अहम भूमिका निभा सकते हैं।

    मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव

    ईरान और अमेरिका के बीच पहले से ही तनाव की स्थिति रही है। हालिया हमलों के बाद यह तनाव और बढ़ गया है। ईरान की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया और जवाबी कार्रवाई की चेतावनी भी सामने आई है।

    Garima Vishwakarma
    By Garima Vishwakarma

    गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

    नई दिल्ली
    --°
    बारिश: -- mmह्यूमिडिटी: --%हवा: --
    Source:AccuWeather
    icon

    Latest Posts