होर्मुज में शुरू हो गई जंग?अमेरिका ने सीजफायर के बीच ईरान पर की बमबारी, ट्रंप ने कहा- ये जवाबी कार्रवाई सिर्फ ‘Love Tap’

वॉशिंगटन डीसी। मिडिल ईस्ट में शांति की उम्मीदों के बीच अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर बड़ा सैन्य तनाव सामने आया है। पिछले एक महीने से जारी सीजफायर के बावजूद होर्मुज स्ट्रेट में दोनों देशों की नौसेनाएं आमने-सामने आ गईं। मिसाइल, ड्रोन और युद्धपोतों के बीच हुई इस भिड़ंत ने पूरे क्षेत्र में युद्ध जैसे हालात पैदा कर दिए हैं।
दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल होर्मुज जलडमरूमध्य में हुई इस घटना के बाद अमेरिका ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमला किया। वहीं ईरान ने दावा किया है कि, अमेरिकी जहाजों को भारी नुकसान पहुंचाया गया है।
होर्मुज स्ट्रेट में कैसे शुरू हुआ टकराव?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक 7 मई 2026 को अमेरिकी नौसेना के तीन गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग से गुजर रहे थे। इसी दौरान ईरान की तरफ से मिसाइल, ड्रोन और छोटी लड़ाकू नौकाओं के जरिए हमला किया गया।
अमेरिका का कहना है कि, उसके युद्धपोतों ने अधिकांश मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया। इसके बाद अमेरिकी सेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान के उन ठिकानों को निशाना बनाया, जहां से मिसाइल और ड्रोन लॉन्च किए जा रहे थे।
ईरान के कई इलाकों में बमबारी और धमाके
अमेरिकी हमलों के बाद ईरान के होर्मोजगन प्रांत, बंदर अब्बास, केश्म द्वीप, सीरिक और मीनाब इलाके में जोरदार धमाकों की खबरें सामने आईं। ईरानी मीडिया के अनुसार कई सैन्य ठिकानों और निगरानी केंद्रों को निशाना बनाया गया। हमलों के बाद तेहरान में एयर डिफेंस सिस्टम को पूरी तरह एक्टिव कर दिया गया। ईरानी अधिकारियों ने कहा कि देश की सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
ट्रंप बोले- यह सिर्फ ‘Love Tap’
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पूरे घटनाक्रम को ‘Love Tap’ यानी हल्की सैन्य चेतावनी बताया। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी युद्धपोत सुरक्षित हैं और ईरानी मिसाइलों व ड्रोन को रास्ते में ही मार गिराया गया। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि, ईरान की कई छोटी नौकाएं तबाह कर दी गईं। उन्होंने ईरान से जल्द समझौता करने की अपील करते हुए चेतावनी दी कि अगर हालात नहीं सुधरे तो अमेरिका और कड़ी कार्रवाई करेगा।

ईरान का दावा- अमेरिकी जहाजों को भारी नुकसान
दूसरी तरफ ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि अमेरिकी नौसेना ने पहले ईरानी तेल टैंकर को निशाना बनाया था, जिसके बाद जवाबी हमला किया गया। ईरान का कहना है कि, एंटी-शिप बैलिस्टिक मिसाइल, क्रूज मिसाइल और आत्मघाती ड्रोन के जरिए अमेरिकी युद्धपोतों को निशाना बनाया गया। ईरानी सेना ने दावा किया कि अमेरिकी जहाजों को भारी नुकसान पहुंचा और उन्हें पीछे हटना पड़ा। हालांकि CENTCOM ने इन दावों को खारिज कर दिया है।
ईरान ने दी ‘कड़ा जवाब’ देने की चेतावनी
ईरानी सेना ने आरोप लगाया कि, अमेरिका ने नागरिक इलाकों को भी निशाना बनाया है। सेना के प्रवक्ता ने कहा कि, अगर अमेरिका ने आगे कोई हमला किया तो उसका तुरंत और पूरी ताकत से जवाब दिया जाएगा। ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, देश के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई खुद पूरे घटनाक्रम की निगरानी कर रहे हैं।
शांति प्रस्ताव पर बातचीत जारी
यह तनाव ऐसे समय बढ़ा है जब अमेरिका और ईरान के बीच नए शांति प्रस्ताव पर बातचीत चल रही है। अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर नियंत्रण करे और होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री रास्ते पूरी तरह खुले रखे। हालांकि इन मुद्दों पर अब तक कोई अंतिम सहमति नहीं बन सकी है।
क्यों अहम है होर्मुज स्ट्रेट?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में गिना जाता है। दुनिया के बड़े हिस्से का तेल इसी रास्ते से गुजरता है। ऐसे में यहां किसी भी सैन्य टकराव का असर वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ सकता है।











