अमेरिका की ईरान को बड़ी चेतावनी :आज रात ईरान पर सबसे बड़ा हमला, लेबनान पर इजरायली हमले में 14 लोगों की मौत

अमेरिका-इजरायल और ईरान जंग का आज 12वां दिन है। लेबनान में इजरायली हमले में 14 लोगों की मौत हुई है। वहीं दुबई इंटरनेशल एयरपोर्ट पर ड्रोन धमाके में चार विदेशी नागरिक घायल हुए हैं। अमेरिका ने आज रात को ईरान पर बड़े हमले की चेतावनी दी है।
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आज रात ईरान पर सबसे बड़ा हमला, लेबनान पर इजरायली हमले में 14 लोगों की मौत
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    नई दिल्ली। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग का आज 12वें दिन है। दोनों ओर से लगातार एक दूसरे पर हमले किए जा रहे हैं। जबकि दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए ड्रोन धमाके में चार विदेशी नागरिक घायल बताए जा रहे हैं। ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारिजानी का कहना है कि ईरान के लोग अमेरिका की धमकियों से नहीं डरते हैं। उन्होंने कहा कि पहले भी कई ताकतवर लोग ईरान को खत्म करने की कोशिश कर चुके हैं, लेकिन वे सफल नहीं हुए। इस बीच अमेरिका का कहना है कि आज रात ईरान पर सबसे बड़ा हमला होगा।

    इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान की नौसेना, वायुसेना और ड्रोन क्षमता को भारी नुकसान हुआ है और उसका सैन्य ढांचा काफी हद तक कमजोर पड़ चुका है।

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    ईरानी सरकार हमारे नागरिकों पर क्लस्टर बम दाग रही है: इजरायल

    हर बीतते दिन के साथ मिडिल ईस्ट की जंग घातक होती जा रही है। अब यह बात सामने आई है कि इजरायल पर हमला करने के लिण् ईरान क्लस्टर हथियारों का इस्तेमाल कर रहा है। इजरायल का कहना है क ईरान पहले ही दिन से उसके उपर क्लस्टर हथियार दाग रहा है। ईरान के सरकारी ब्रॉडकास्टर (इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग) ने भी इस हमले का एक वीडियो जारी किया है जिसमें दिख रहा है कि कैसे इजरायल के आसमान में बहुत उपर जाकर यह कलस्ट बम फटता है और उसके अंदर से दर्जनों छोटे बम निकलते हैँ। यह छोटे बम एक बड़े क्षेत्र में बिखर जाते हैं और तबाही मचाते हैं। ये छोटे बम रात में आसमान में आग के गोले जैसे दिख सकते हैं। इजरायल के पास आयरन डोम एयर डिफेंस सिस्टम होने के बावजूद ये हथियार घातक साबित हुए हैं। IRIB के अनुसार ईरान ने आज रात घोषण की कि अमेरिका और इजरायली आक्रमणों द्वारा युद्व की शुरुआत के जवाब में उसने दक्षिणी तेलअवीव में हेइला उपग्रह संचार केंद्र और बेयर याकोव, पश्चिम जेरूसलेम और हाइफा में सैन्य केंद्रों पर हमले में क्लस्टर वारहेड मिसाइलों का इस्तेमाल किया है।

     क्लस्टर बम कैसे काम करता है?

    इसमें जो बड़ा बम पहले दागा जाता है उसे “पैरेंट म्यूनिशन” कहा जाता है। उसे जब दागा जाता है तो वह 7-10 किलोमीटर की ऊंचाई पर जाकर छोटे-छोटे बम (सबम्यूनिशन) छोड़ता है। ये छोटे बम बड़े इलाके में फैल जाते हैं- कुछ सौ मीटर से लेकर कई किलोमीटर तक। इससे सटीक निशाना कम हो जाता है, लेकिन असर का इलाका बड़ा हो जाता है। 

    Sona Rajput
    By Sona Rajput

    माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन किया है। साल 2022 ...Read More

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