भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर नई रिपोर्ट सामने आई है। रॉयटर्स की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिका द्वारा शुरू की गई नई जांच के कारण दोनों देशों के बीच चल रही ट्रेड डील की बातचीत धीमी पड़ गई है। हालांकि भारत सरकार ने इस खबर को अफवाह बताया है और कहा है कि दोनों देश अभी भी पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौते के लिए बातचीत कर रहे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका ने मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में अतिरिक्त उत्पादन और संरचनात्मक क्षमता को लेकर भारत समेत 16 देशों के खिलाफ जांच शुरू की है। अमेरिकी प्रशासन का आरोप है कि कुछ देश जरूरत से ज्यादा औद्योगिक उत्पादन कर कम कीमत पर सामान निर्यात करते हैं जिससे अमेरिकी कंपनियों को नुकसान होता है। इस जांच में स्टील, केमिकल्स, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और सोलर जैसे कई प्रमुख सेक्टरों को शामिल किया गया है।
अमेरिका यह जांच सेक्शन 301 कानून के तहत कर रहा है। इस कानून के तहत अमेरिका उन देशों के खिलाफ कार्रवाई कर सकता है, जिन पर अनुचित व्यापार प्रथाओं का आरोप होता है। अगर जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो अमेरिका इन देशों पर नए टैरिफ या व्यापार प्रतिबंध भी लगा सकता है।
भारत के वाणिज्य मंत्रालय ने रिपोर्ट में किए गए दावों को खारिज करते हुए कहा कि ट्रेड डील पर बातचीत जारी है। मंत्रालय के अनुसार दोनों देश आपसी हितों को ध्यान में रखते हुए समझौते पर चर्चा कर रहे हैं।
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रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि फरवरी में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद टैरिफ से जुड़े कुछ नियम रद्द कर दिए गए थे जिससे अमेरिका को अपनी टैरिफ नीति पर फिर से विचार करना पड़ा। इसके बाद शुरू हुई जांच ने व्यापार वार्ता के माहौल को और जटिल बना दिया है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक भारत किसी भी समझौते को लेकर जल्दबाजी में नहीं है और फिलहाल अमेरिका की नई व्यापार नीतियों और टैरिफ संरचना को देखते हुए सावधानी से आगे बढ़ रहा है।