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यूपी के मंत्री का पत्र; हमारी भूमि पर मप्र ने बनाया एप्रोच चैनल, ईएनसी ने कहा-कोई विवाद नहीं

सीएस मॉनिट में आया मामला, प्रदेश के कई माननीयों के प्रपोजल भी पहुंचे
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यूपी के मंत्री का पत्र; हमारी भूमि पर मप्र ने बनाया एप्रोच चैनल, ईएनसी ने कहा-कोई विवाद नहीं

भोपाल। उत्तर प्रदेश सरकार में जल शक्ति और बाढ़ नियंत्रण मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने अपने राज्य के आधिपत्य वाली जमीन पर मध्यप्रदेश जल संसाधन द्वारा एप्रोच चैनल का निर्माण किए जाने पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने शासन को लिखे पत्र में कहा है कि उप्र सरकार की जमीन पर एप्रोच चैनल का निर्माण कराने वाले दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इस मामले को मुख्य सचिव मॉनिट में भेजा गया है।

दरअसल, पिछले छह माह में जल संसाधन विभाग से संबंधित शिकायतें, मांग और विकास संबंधी प्रस्ताव भेजे गए हैं। इनमें उत्तर प्रदेश के जल शक्ति मंत्री का भी पत्र शामिल है। मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने लिखा है कि उप्र शासन से बिना अनुमति प्राप्त किए राज्य के आधिपत्य की भूमि पर एप्रोच चैनल का निर्माण किया गया है। इस मामले में रीवा संभाग के अधीक्षण यंत्री एके डेहरिया का कहना है कि फिलहाल उन्हें ऐसी कोई जानकारी नहीं है। शहडोल संभाग के देवलोंद में बाण सागर को लेकर जरूर कुछ समस्या है। जबकि ईएनसी जल संसाधन शिरीश मिश्रा का कहना है कि उप्र की जमीन को लेकर कोई विवाद नहीं है।

पूर्व मंत्रियों सहित विधायक, सांसदों की बढ़ी डिमांड

इधर, सिंचाई से संबंधित विकास कार्यों की डिमांड को लेकर प्रदेश के सरपंचों से लेकर विधायक, पूर्व मंत्री और सांसदों ने जल संसाधन विभाग को पत्र लिखे हैं। 50 से अधिक विधायकों द्वारा प्रस्तुत प्रपोजल में से कुछ अमान्य भी कर दिए गए हैं। विभाग के प्रमुख सचिव को अपनी पसंद के स्थान पर अधिकारियों को पदस्थ करने संबंधी भी पत्र लिखे गए हैं। विभाग से संबंधित 364 प्रकरण लंबित हैं।

किसी के प्रपोजल मंजूर तो किसी को झटका

पूर्व मंत्री बिसाहूलाल सिंह: अनूपपुर जिले के छिंदवानी जलाशय सहित गटक टोला और डूमर टोला जलाशय की स्थिति पूछी।

विभाग ने कहा: तीनों प्रस्ताव निरस्त हो गए हैं। जबकि शिवनी-बलबहरा स्टोरेज वियर, नगदहा स्टोरेज वियर, सोन महौरी रपटा कम स्टापडेम आदि के प्रस्ताव पर विचार चल रहा है।

गणेश सिंह (सतना सांसद): बाण सागर यूनिट-2 की नहरों के लिए बजट उपलब्ध कराया जाए।

विभाग ने कहा- निर्माण के लिए आवश्यक धनराशि जारी की जा रही है।

राज्य मंत्री लखन पटेल: मध्यम लघु सिंचाई परियोजना स्वीकृत की जाए

विभाग का जवाब: परियोजना तकनीकी मापदंड के अनुसार पाए जाने पर ही आगे की कार्रवाई होगी।

गिरीश गौतम (देवतालाब विधायक): प्रभारी कार्यपालन यंत्री भागवत प्रसाद मिश्रा को नई गढ़ी सूक्ष्म दबाव सिंचाई परियोजना संभाग रीवा को संभाग क्रमांक दो सिंगरौली में पदस्थ किया जाए।

जवाब - विभाग ने कहा, प्रकरण में वांछित कार्यवाही की आवश्यकता नहीं होने से प्रकरण विलोपित होना चाहिए।

मनीषा सिंह, (विधायक जयसिंहनगर): सिंहपुर वियर नहर के बांध की ऊंचाई बढ़ाने एवं मरम्मत कार्य की स्वीकृति मिले।

नहीं हो सकता: विभाग ने कहा, वर्तमान वियर को तोड़ने नवीन वियर बनाना पड़ेगा, ऐसा हुआ तो जिन किसानों को सिंचाई का लाभ मिलता है उससे उनको वंचित रहना पड़ेगा।

राज्य मंत्री दिलीप जायसवाल: कोतमा में राजा कछार जलाशय का निर्माण हो।

यह बताया: डीपीआर बन चुकी है। सीतामणी घाट पर जलाशय के लिए हाइड्रोलिक अनुमोदन का कार्य जारी है।

डॉ.वीरेन्द्र कुमार, केंद्रीय मंत्री: टीकमगढ़ अन्तर्गत महेंद्र सागर तालाब के फीडर चैनल के सुधार मरम्मत स्ट्रक्चर, लाइनिंग सहित अन्य कार्य कराए जाएं। विभाग की ओर से कोई जवाब नहीं।

राज्य मंत्री नारायण सिंह पंवार: अमृत- दो योजनान्तर्गत ब्यावरा नगर की पेयजल व्यवस्था के लिए मोहनपुरा डैम से 6.5 एमसीएम जल प्रतिवर्ष आवंटित किया जाए।

कार्य हो गया: विभाग ने बताया नगर पालिका ब्यावरा को जल आवंटित कर दिया गया है।

People's Reporter
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