Union Budget 2025 : सभी जिलों में बनाए जाएंगे कैंसर डे केयर सेंटर, बिहार पर फोकस- नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फूड टेक्नोलॉजी, 3 नए एयरपोर्ट और मखाना बोर्ड बनेगा

नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज 1 फरवरी, 2025 को लगातार आठवां बजट पेश कर रही हैं। उनका भाषण सुबह 11 बजे शुरू हो गया है। पिछले चार बजट और एक अंतरिम बजट की तरह, ये बजट भी पेपर लेस है।
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सरकार का बिहार पर फोकस
- बिहार में इसी साल अक्टूबर-नवंबर में विधानसभा चुनाव होने हैं।
- बिहार के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फूड टेक्नोलॉजी, एंटरप्रेन्योरशिप एंड मैनेजमेंट की स्थापना करने का ऐलान। इससे इलाके में फूड प्रोसेसिंग को बढ़ावा मिलने की कही बात।
- वित्त मंत्री ने राज्य में मौजूदा IIT का विस्तार करने की घोषणा भी की। राज्य में मखाना बोर्ड बनाने का ऐलान। इससे मखाना उगाने वाले छोटे किसानों और व्यापारियों को फायदा होगा।
- 3 नए एयरपोर्ट भी बनाए जाएंगे।
- सरकार के बिहार फोकस की झलक वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के पहनावे में भी दिखाई दी। बजट पेश करने के लिए उन्होंने बिहार की प्रसिद्ध मधुबनी साड़ी को चुना। गोल्डन बॉर्डर की यह साड़ी पिछले बिहार दौरे के समय पद्मश्री दुलारी देवी ने गिफ्ट की थी।
दवाएं ड्यूटी फ्री, स्कूलों में ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी
36 जीवन रक्षक दवाओं पर पूरी तरह से ड्यूटी टैक्स खत्म कर दिया जाएगा। सभी सरकारी अस्पतालों में कैंसर डे केयर सेंटर बनाए जाएंगे। कैंसर के इलाज की दवाएं सस्ती होंगी। 6 जीवन रक्षक दवाओं पर कस्टम ड्यूटी 5% कर दी जाएगी। डिजिटल शिक्षण संसाधनों तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने के लिए सभी सरकारी माध्यमिक विद्यालयों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी प्रदान की जाएगी।अस्पतालों में डे केयर कैंसर सेंटर की सुविधा
- सभी जिला अस्पतालों में डे केयर कैंसर सेंटर की सुविधा देगी। 2025-26 में 200 केंद्र बनाए जाएंगे।
- इंश्योरेंस सेक्टर के लिए FDI को 74% से बढ़ाकर 100% कर दिया जाएगा। यह सुविधा उन कंपनियों के लिए होगी, जो पूरा प्रीमियम इंडिया में इन्वेस्ट करेगी।
- अगले 3 साल में सभी जिलों में कैंसर डे केयर सेंटर बनाए जाएंगे। 2025-26 में ही ऐसे 200 सेंटर बनाए जाएंगे।
- देश को खिलौनों के लिए बड़ा केंद्र बनाने के लिए नेशनल एक्शन प्लान बनाया जाएगा। हम क्लस्टर्स का डेवलपमेंट करेंगे। स्किल और मैन्युफैक्चरिंग के लिए इको सिस्टम बनाया जाएगा। इससे हाईक्वालिटी, अनोखे, इनोवेटिव और लंबा चलने वाले खिलौने बनेंगे।
IIT में क्षमता का विस्तार, मेडिकल में सीटें बढ़ाने का ऐलान
- IIT में क्षमता का विस्तार किया जाएगा। 23 IIT में 1.35 लाख स्टूडेंट्स मौजूद हैं। 6 हजार 500 विद्यार्थियों की सीटें बढ़ाई जाएंगी। आईआईटी पटना में सुविधाओं को बढ़ावा दिया जाएगा। 23 आईआईटी में शिक्षार्थियों की संख्या बढ़ी है।
- AI सेंटर को बढ़ावा देने के लिए 500 करोड़ आवंटित किए गए हैं। एआई के लिए एक संस्थान की स्थापना की जाएगी।
- मेडिकल एजुकेशन में अगले 5 साल में 75 हजार सीटें बढ़ाने का ऐलान। अगले साल मेडिकल कॉलेज में 10 हजार सीटें जोड़ी जाएंगी।
- स्कूल और उच्चतर शिक्षा के लिए भारतीय भाषा में पुस्तकें उपलब्ध कराएंगे। राष्ट्रीय कौशल उत्कृष्टता केंद्र पिछली योजनाओं पर काम करते हुए 5 राष्ट्रीय कौशल केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
बजट 5 क्षेत्रों पर फोकस : वित्त मंत्री
- विकास में तेजी लाना।
- सुरक्षित- समावेशी विकास।
- निजी क्षेत्र के निवेश को बढ़ावा देना।
- घरेलू खर्च में वृद्धि।
- भारत के उभरते मध्यम वर्ग की खर्च करने की शक्ति को बढ़ाना।
भारत को टॉयज का ग्लोबल हब बनाएंगे
- 5 लाख महिलाओं, अनूसूचित जाति की महिलाओं के लिए योजना शुरू की जाएगी। उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे।
- भारत को टॉयज का ग्लोबल हब बनाएंगे। खिलौना उद्योग के लिए मेक इन इंडिया के तहत विशेष योजना शुरू की जाएगी। इकोसिस्टम के विकास पर जोर होगा, जिससे हाई क्वालिटी पर्यावरण अनूकूल खिलौने बनेंगे।
- लेदर उद्योग स्कीम में 22 लाख नई नौकरी पैदा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके सरकार मदद मुहैया कराएगी।
- भारतीय भाषा पुस्तक स्कीम शुरू की जाएगी। इसका मकसद डिजिटल माध्यम से छात्रो को अपनी भाषा में किताबों को समझने में मदद करना है।
MSME के लिए कई ऐलान
- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार NCDC को सहकारी समीतियों के माध्यम से सहायता प्रदान करेगी।
- MSME को अधिक व्यापक बनाने के लिए उनकी सहायता करने के लिए वर्गीकरण के साथ सीमा को दोगुना तक बढ़ाया जाएगा। इससे रोजगार सृजन होगा। MSME के लिए लोन गारंटी कवर 5 करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़, 1.5 लाख करोड़ तक का कर्ज मिलेगा।
- स्टार्टअप के लिए लोन 10 करोड़ से बढ़ाकर 20 करोड़ रुपए किया जाएगा। गारंटी फीस में भी कमी होगी।
- MSME सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए लोन देने के लिए कार्ड जारी किए जाएंगे।
किसान क्रेडिट कार्ड से अधिक ऋण मिलेगा
- सब्जियों का उपयोग बढ़ रहा है। किसानों के लिए लाभाकारी मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे। सहकारी समीतियां बनेंगी।
- बिहार मखाना बोर्ड की स्थापना होगी। यह बोर्ड मखाना किसानों को सहायता उपलब्ध कराएगा।
- राष्ट्रीय उच्च पैदावार बीज मिशन शुरू होगा। इसके तहत बीजों की 100 से अधिक किस्मों को उपलब्ध कराया जाएगा।
- मत्स्य उद्योग में भारत दूसरे नंबर पर है। समुद्री खाद्य का मूल्य 60 हजार करोड़ है। अंडमान निकोबार पर विशेष ध्यान देते हुए सतत मछली पकड़ने को बढ़ावा देगी।
- सरकार की ओर से कपास उत्पादकता को बढ़ावा दिया जाएगा। किसानों की आमदनी को बढ़ाने में मदद मिलेगी।
- यूरिया की आपूर्ति बढ़ाने के लिए असम के नामरूप में संयंत्र स्थापित किया जाएगा।
- किसान क्रेडिट कार्ड से लोन 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख कर दी जाएगी।











