Naresh Bhagoria
7 Jan 2026
डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम को बार-बार पैरोल मिलने के मामले के बीच, अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम ने भी इमरजेंसी पैरोल की मांग की है। अबू सलेम 1993 के मुंबई सीरियल ब्लास्ट और बिल्डर की हत्या के मामलों में दोषी हैं।
अबू सलेम ने अपने बड़े भाई अबू हाकिम अंसारी के निधन के बाद परिवार से मिलने और अंतिम संस्कार की रस्में पूरी करने के लिए इमरजेंसी पैरोल मांगी है। उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट से आजमगढ़ (उत्तर प्रदेश) जाने की अनुमति मांगी है।
अबू सलेम ने अपने बड़े भाई को पिता तुल्य बताया। उनके अधिवक्ता फरहाना शाह ने बताया कि याचिका समय पर दाखिल की गई थी, लेकिन शीतकालीन अवकाश के कारण सुनवाई नहीं हो सकी।
अबू सलेम ने याचिका में कहा कि पिछले तीन महीने से उनके भाई गंभीर रूप से बीमार थे। उन्होंने जेल अधिकारियों से नियमित पैरोल की प्रक्रिया जल्दी पूरी करने का अनुरोध किया, ताकि अपने भाई से मिल सकें, लेकिन आवेदन लंबित रहा और उनके बड़े भाई का निधन हो गया।
अबू सलेम ने कहा कि मृत्यु के बाद उन्होंने कब्रिस्तान में धार्मिक रस्मों, 40वें दिन की नमाज और कुरान ख्वानी में शामिल होने और परिवार को सांत्वना देने के लिए इमरजेंसी पैरोल के लिए आवेदन किया, लेकिन उसे अस्वीकार कर दिया गया।
एडीजीपी ने 1 दिसंबर को सलेम को एस्कॉर्ट पार्टी के साथ जाने की अनुमति दी, लेकिन उसका खर्च बहुत ज्यादा था। डीआईजी प्रिजन ने आवेदन ठुकरा दिया क्योंकि कोई जमानतदार नहीं मिला और सलेम फ्लाइट रिस्क थे।
सलेम ने कहा कि उनका छोटा भाई जमानतदार बनने वाला था, लेकिन पढ़ा-लिखा नहीं था और कुछ गलतफहमी के कारण नहीं आ सका। अबू सलेम ने अदालत को बताया कि दो वकील जमानतदार बनने को तैयार हैं।
अबू सलेम को पहले 2009 और 2011 में मां और खाला की मौत पर पैरोल मिली थी, और उन्होंने समय पर जेल में आत्मसमर्पण किया।
अबू सलेम 2005 से नासिक सेंट्रल जेल में बंद हैं। उन्हें दो मामलों में आजीवन कारावास की सजा मिली-
पुर्तगाल से 2005 में प्रत्यर्पित होने के बाद उनकी सजा को 25 साल कारावास में बदल दिया गया। अबू सलेम ने पिछले साल यह स्पष्ट करने के लिए याचिका डाली थी कि उनकी 25 साल की सजा कब पूरी होगी, जिस पर अभी सुनवाई बाकी है।