अशोक गौतम, भोपाल। उज्जैन सिंहस्थ मेले को ऐतिहासिक बनाने के लिए सरकार इसकी तैयारी जोरों से कर रही है। मेले में भीड़ के दबाव को कम करने और जाम की स्थिति को रोकने के लिए शहर के अंदर की सड़कों के चौड़ीकरण पर विशेष फोकस है।
अधिकृत जानकारी के अनुसार, इसमें गुदरी चौराहे से हरसिद्धि पाल, दानी गेट से रामानुज कोट, नानाखेड़ी चौराहा से देवास रोड, तिलकेश्वर से गौतम मार्ग सहित एक दर्जन से अधिक सड़कों को 6 से 12 मीटर तक चौड़ा किया जाएगा। कई जगह मकानों, व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स, मंदिर, सहित अन्य निर्माण हटाए जाएंगे। इसके लिए भवन मालिकों को मुआवजे की व्यवस्था भी की गई है। सरकार इस सिंहस्थ में भी मेला क्षेत्र 3,062 हेक्टेयर में बनाने का निर्णय लिया है। इन क्षेत्रों में बिजली, पानी, लाइट, रोड, सीवेज नेटवर्क सहित अन्य तरह की तमाम व्यवस्थाएं स्थाई की जाएंगी।
सिंहस्थ से पहले 168.98 करोड़ रुपए से अधिक का इंटिग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर और मेला कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। इस सेंटर के जरिए पुलिस और प्रशासन की नजर मेला क्षेत्र के चप्पे-चप्पे पर होगी। सीसीटीवी, ड्रोन, एआई आधारित ट्रैफिक और क्राउड मैनेजमेंट सिस्टम, संदिग्ध वाहनों और लोगों की इमेज पर पुलिस और सर्विलेंस टीम काम करेगी। इसके अलावा रूट, पार्किंग, स्वास्थ्य सुविधाएं, भीड़ का घनत्व, स्वच्छता, जलापूर्ति, आपदा प्रबंधन सहित मेला से जुड़े तमाम अन्य डाटा आधारित काम होगा। इससे सभी विभागों के एक-एक अधिकारी को नोडल बनाया जाएगा जो विभाग से जुड़े डाटा के अनुसार काम करेगा।
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Ñगौड बस्ती का एरिया (5,440 वर्गमीटर) महाकाल मंदिर परिसर में शामिल होगा। यह बस्ती महाकाल मंदिर के कॉरिडोर, भस्म आरती गेटके करीब है। जेएनएनयूआरएम के तहत 308 परिवारों को दिया गया था। उन्हें अब पंवासा क्षेत्र में बसाया जाएगा, जहां ईडब्ल्यूएस इकाइयों का निर्माण किया जा रहा है।
मल्टी मॉडल ट्रांजिट हब देवास गेट बस स्टैंड के पास सात एकड़ में बनाया जाएगा। पीपीपी मोड पर पांच सौ करोड़ रुपए की लागत से बनाया जाएगा। आईएसबीटी, आईपीटी के लिए एकीकृत यात्री टर्मिनल रोपवे, मेट्रो टर्मिनल का प्रावधान होगा। पैदल यात्री के लिए स्काई वॉक या फुट ओवर ब्रिज होगा।
प्रस्तावित इंटिग्रेटेड मल्टी मॉडल ट्रांजिट हब से लेकर उज्जैन रेलवे स्टेशन तक स्काई वॉक का निर्माण किया जाएगा। इसके कारण सड़क पर चलने वाले वाहनों से श्रद्धालुओं को सुरक्षा मिलेगी। एलीवेटर, लिफ्ट एवं अन्य कार्य किए जाएंगे। इससे वाहनों का दबाव कम होगा, प्रदूषण भी कम होगा। इसके साथ ही ट्रैफिक मैनेजमेंट में भी सहूलियत होगी। स्काई वॉक की दूरी आठ सौ मीटर के करीब होगी।
सिंहस्थ के लिए मेला स्तर पर स्थाई कामों पर विशेष जोर दिया जा रहा है, जिससे यह काम वर्ष 2027 में पूर्ण किया जा सके। इसमें सड़कों का चौड़ीकरण महत्वपूर्ण बड़ा काम है।
-संकेत भोंडवे, आयुक्त, नगरीय विकास एवं आवास विभाग