न्यायालय का ऐतिहासिक फैसला :दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में आरोपी को फांसी

सूचना मिलते ही तत्कालीन एसडीओपी अभिनव बारंगे के नेतृत्व में थाना प्रभारी अजय सिकरवार ने सघन तलाशी अभियान चलाया। जब आरोपी से सख्ती से पूछताछ की गई, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
Follow on Google News
दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में आरोपी को फांसी

डबरा/ग्वालियर। जिले के डबरा स्थित विशेष न्यायालय ने एक बेहद जघन्य और संवेदनशील मामले में ऐतिहासिक निर्णय सुनाते हुए आरोपी को मृत्युदंड (फांसी) की सजा सुनाई है। अदालत ने इस अपराध को “रेयरेस्ट ऑफ द रेयर” श्रेणी में मानते हुए कड़ी टिप्पणी भी की। यह मामला एक 7 वर्षीय मासूम बालिका के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी निर्मम हत्या से जुड़ा है, जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया था।

आरोपी को दोषी ठहराते हुए सुनाई गई सजा विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) डबरा की अदालत ने आरोपी शेरू जाटव (27 वर्ष), निवासी थाना करहिया, जिला ग्वालियर को भारतीय दंड संहिता एवं पॉक्सो एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी पाया। न्यायालय ने आरोपी को फांसी की सजा एवं 7000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।

क्या था पूरा मामला

घटना 6 फरवरी 2023 की है। पीड़िता के पिता ने थाना करहिया में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी 7 वर्षीय बेटी शाम करीब 8 बजे गांव में बारात देखने गई थी, लेकिन देर रात तक घर नहीं लौटी। परिजनों ने आसपास तलाश शुरू की और ग्रामीणों से पूछताछ की। तलाशी के दौरान एक व्यक्ति ने बताया कि बच्ची को आखिरी बार आरोपी शेरू जाटव के साथ देखा गया था। जब ग्रामीणों और पुलिस ने आरोपी से पूछताछ की, तो उसने पहले गुमराह करने की कोशिश की और कहा कि वह बच्ची को अपने रिश्तेदार के घर छोड़ आया है।

यह भी पढ़ें: Bhojshala Case : हिंदू पक्ष ने कहा- राम मंदिर केस की तरह पेश किए गए दस्तावेजों को अहम माना जाए

सूचना मिलते ही तत्कालीन एसडीओपी अभिनव बारंगे के नेतृत्व में थाना प्रभारी अजय सिकरवार ने सघन तलाशी अभियान चलाया। जब आरोपी से सख्ती से पूछताछ की गई, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी ने बताया कि उसने खेत में बच्ची के साथ दुष्कर्म किया और बाद में पहचान छिपाने के लिए उसकी हत्या कर दी। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने बालिका का शव बरामद किया। इसके बाद थाना करहिया में मामला दर्ज कर विस्तृत विवेचना के बाद न्यायालय में चालान पेश किया गया।

Breaking News

अदालत में मजबूत साक्ष्यों से साबित हुआ अपराध

सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने मेडिकल रिपोर्ट, परिस्थितिजन्य साक्ष्य और गवाहों के बयान अदालत में प्रस्तुत किए, जो आरोपी के खिलाफ बेहद मजबूत साबित हुए। विशेष लोक अभियोजक ने प्रभावी पैरवी करते हुए अपराध की गंभीरता को न्यायालय के सामने रखा।न्यायालय ने इसे अत्यंत क्रूर और अमानवीय अपराध मानते हुए “रेयरेस्ट ऑफ द रेयर” की श्रेणी में रखा और आरोपी को फांसी की सजा सुनाई।

Aakash Waghmare
By Aakash Waghmare

आकाश वाघमारे | MCU, भोपाल से स्नातक और फिर मास्टर्स | मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के तौर पर 3 वर्षों का क...Read More

नई दिल्ली
--°
बारिश: -- mmह्यूमिडिटी: --%हवा: --
Source:AccuWeather
icon

Latest Posts