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बदले सियासी समीकरण :इंडिया गठबंधन में भी कमजोर हुई ममता की पार्टी, बनर्जी के मुंह से निकले बस दो शब्द!

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) हर जगह कमजोर साबित हो रही है। विपक्ष के इंडिया गठबंधन में भी पार्टी नेता ममता बनर्जी ने कुछ नहीं कहा। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने सिर्फ दो शब्द कहे।
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इंडिया गठबंधन में भी कमजोर हुई ममता की पार्टी, बनर्जी के मुंह से निकले बस दो शब्द!

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली हार का असर अब सिर्फ राज्य की राजनीति तक सीमित नहीं दिखाई दे रहा है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की राजनीतिक स्थिति को लेकर नए सवाल उठने लगे हैं। लंबे समय तक विपक्षी राजनीति की सबसे मुखर और आक्रामक नेताओं में गिनी जाने वाली ममता अब इंडिया गठबंधन के मंच पर पहले जैसी प्रभावशाली नजर नहीं आ रहीं। दिल्ली में आयोजित गठबंधन की महत्वपूर्ण बैठक और प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनका बदला हुआ अंदाज राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में रही खामोशी 

नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित इंडिया गठबंधन की बैठक के बाद हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में ममता बनर्जी पूरे समय बेहद शांत दिखाई दीं। करीब साढ़े सात मिनट तक चली इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने सार्वजनिक रूप से केवल दो शब्द बोले-एट्रोसिटी और वर्चुअली। यह वही ममता बनर्जी हैं जो पहले विपक्षी बैठकों में खुलकर अपनी बात रखती थीं और कई मुद्दों पर गठबंधन की रणनीति तय करने में अहम भूमिका निभाती थीं। उनकी यह खामोशी राजनीतिक संकेतों के रूप में देखी जा रही है।

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गठबंधन की बैठक में क्या हुआ? 

इंडिया गठबंधन की बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, अखिलेश यादव, उमर अब्दुल्ला, तेजस्वी यादव और अन्य विपक्षी नेता मौजूद थे। बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई, जिनमें चुनावी प्रक्रियाओं, आर्थिक हालात, बेरोजगारी, महंगाई और किसानों के मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरने की रणनीति शामिल रही। ममता बनर्जी भी बैठक में मौजूद थीं, लेकिन उन्होंने चर्चा के दौरान सीमित हस्तक्षेप किया।

दो शब्दों ने खींचा सबका ध्यान 

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब मल्लिकार्जुन खरगे बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी दे रहे थे, तब ममता ने उन्हें एट्रोसिटी शब्द जोड़ने की याद दिलाई। बाद में जब खरगे ने कहा कि कुछ नेता बैठक में शारीरिक रूप से मौजूद नहीं थे, तब ममता ने वर्चुअली कहकर स्पष्ट किया कि वे ऑनलाइन शामिल हुए थे।

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आगे की राजनीति पर क्या होगा असर? 

हालांकि बैठक के दौरान ममता बनर्जी ने यह दावा जरूर किया कि पश्चिम बंगाल में उनकी पार्टी को जबरदस्ती हराया गया और जो स्थिति बंगाल में बनी, वह अन्य राज्यों में भी देखने को मिल सकती है। उन्होंने सोनारपुर में अभिषेक बनर्जी पर हुए कथित हमले का मुद्दा भी उठाया।

TMC में बढ़ती दरार ने बढ़ाई मुश्किलें 

बंगाल चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस के भीतर भी असंतोष और टूट की खबरें सामने आ रही हैं। विधानसभा चुनाव के बाद अब पार्टी के संसदीय दल में भी मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं। लोकसभा में पार्टी के 20 सांसदों ने अलग गुट बनाने का दावा करते हुए स्पीकर को पत्र सौंपा है। ऐसे घटनाक्रमों ने ममता बनर्जी की संगठनात्मक पकड़ पर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पार्टी के अंदर बढ़ती असहमति उनके नेतृत्व के लिए नई चुनौती बन सकती है।

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Naresh Bhagoria
By Naresh Bhagoria

नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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