महाकाल मंदिर:धनुष द्वार के पास उठीं आग की लपटें, गार्डों की सतर्कता से टला बड़ा हादसा

उज्जैन। देश के प्रसिद्ध महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में अचानक आग लगने की घटना सामने आई। मंदिर परिसर के धनुष द्वार के पास सूखी घास और कचरे में आग लगने से श्रद्धालुओं में डर का माहौल बन गया। आग की लपटें तेजी से उठने लगीं और आसपास धुआं फैल गया, जिससे कुछ देर के लिए अफरातफरी जैसी स्थिति बन गई। मंदिर प्रशासन ने तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी, लेकिन उससे पहले ही वहां मौजूद सुरक्षा गार्डों ने सूझबूझ दिखाते हुए आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू कर दी। गार्डों के कारण बड़ा हादसा होने से बच गया।
धनुष द्वार के पास अचानक भड़की आग
मंदिर परिसर के धनुष द्वार के पास बाउंड्री एरिया में रखी सूखी घास और कचरे के ढेर में अचानक आग लग गई। शुरुआत में लोगों को हल्का धुआं दिखाई दिया लेकिन कुछ ही मिनटों में आग तेजी से फैलने लगी। आग की ऊंची लपटें देखकर श्रद्धालु घबरा गए और कई लोग वहां से दूर हटने लगे। उस समय मंदिर परिसर में काफी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। धुएं की वजह से लोगों को परेशानी महसूस होने लगी लेकिन मंदिर कर्मचारियों और सुरक्षा गार्डों ने लोगों को शांत रहने की अपील की।
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गार्डों ने तुरंत संभाली स्थिति
मंदिर में तैनात कोर कंपनी के गार्डों ने हालात को समझते हुए बिना समय गंवाए आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया। उन्होंने मौके पर मौजूद अग्निशमन यंत्रों का इस्तेमाल किया और आग को उस दिशा में बढ़ने से रोका, जहां ज्यादा नुकसान होने की संभावना थी। गार्डों ने तुरंत मंदिर के कंट्रोल रूम को भी सूचना दी। इसके बाद फायर ब्रिगेड को बुलाया गया। दमकल की गाड़ियां करीब 15 से 20 मिनट बाद मौके पर पहुंचीं। तब तक गार्ड काफी हद तक आग पर नियंत्रण पा चुके थे।
बड़ी दुर्घटना का कारण
अगर आग समय रहते नहीं बुझाई जाती तो यह मंदिर परिसर के दूसरे हिस्सों तक पहुंच सकती थी। मंदिर में रोज बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं, इसलिए छोटी सी चूक भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती थी। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ और मंदिर के मुख्य हिस्से तक आग नहीं पहुंची।











