हवाई यात्रा करने वाले लोगों के लिए राहत भरी खबर है। अब एयरपोर्ट पर चाय, कॉफी या हल्का नाश्ता लेने के लिए ज्यादा पैसे खर्च नहीं करने पड़ेंगे। केंद्र सरकार देश के सभी एयरपोर्ट पर सस्ते और तय दामों पर खाने-पीने की सुविधा शुरू करने की तैयारी कर रही है। इस योजना के तहत हर एयरपोर्ट पर ‘उड़ान यात्रा कैफे’ खोले जाएंगे। सरकार का लक्ष्य है कि साल के अंत तक यह सुविधा देश के सभी एयरपोर्ट पर उपलब्ध हो जाए।
फिलहाल यह कैफे कुछ चुनिंदा एयरपोर्ट पर शुरू हो चुके हैं। इनमें कोलकाता, पुणे, अहमदाबाद, विजयवाड़ा, भुवनेश्वर और चेन्नई एयरपोर्ट शामिल हैं। यहां यात्रियों से मिल रही अच्छी प्रतिक्रिया के बाद सरकार ने इसे पूरे देश में लागू करने का फैसला लिया है।
कोलकाता एयरपोर्ट पर खुले उड़ान यात्रा कैफे में यात्रियों को बेहद कम दामों पर सामान मिल रहा है। यहां चाय सिर्फ 10 रुपए में, कॉफी 20 रुपए में और पानी की बोतल 10 रुपए में दी जा रही है। इसके अलावा समोसा और रसगुल्ला भी 20-20 रुपए में उपलब्ध हैं।
एयरपोर्ट जैसे स्थान पर इतने कम दामों पर खाने-पीने की सुविधा मिलने से यात्रियों में खुशी देखी जा रही है। इसी प्रतिक्रिया को देखते हुए सरकार ने इस योजना को और आगे बढ़ाने का फैसला किया है।

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने कहा कि सरकार का उद्देश्य यात्रियों को एयरपोर्ट पर साफ-सुथरा, अच्छा और सस्ता भोजन उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि खाने की गुणवत्ता पर खास नजर रखी जा रही है और अगर किसी तरह की शिकायत आती है तो तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
सरकार के अनुसार, उड़ान यात्रा कैफे में कुल पांच तरह के आइटम रखे जाएंगे। इनमें शामिल हैं-
हर शहर के एयरपोर्ट पर उस इलाके के हिसाब से एक खास स्थानीय नाश्ता या मिठाई भी दी जाएगी। उदाहरण के तौर पर, कोलकाता एयरपोर्ट पर रसगुल्ला और पुणे एयरपोर्ट पर वड़ा पाव उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे यात्रियों को उस शहर का स्थानीय स्वाद भी मिल सकेगा।
मंत्रालय के मुताबिक, जहां-जहां ये कैफे शुरू हुए हैं, वहां यात्रियों से अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। लोग सस्ते दामों पर मिलने वाली चाय और नाश्ते को पसंद कर रहे हैं।
सरकार की योजना है कि इस साल के अंत तक देश के हर एयरपोर्ट पर एक उड़ान यात्रा कैफे खोला जाए। फिलहाल यह तय किया गया है कि एक एयरपोर्ट पर केवल एक ही ऐसा कैफे संचालित होगा, ताकि दाम और गुणवत्ता पर सही नियंत्रण रखा जा सके।