इंदौर। शहर में बीते कुछ महीनों के भीतर हुए दो भीषण अग्निकांडों ने न केवल कई परिवारों को उजाड़ दिया, बल्कि एक ऐसी समानता भी उजागर की है, जिसने आमजन के बीच नई बहस को जन्म दे दिया है। यह बहस तर्क और विश्वास के बीच झूलती नजर आती है—मानें या न मानें, लेकिन घटनाएं अपने आप में कई सवाल खड़े कर रही हैं।
कभी-कभी कुछ हादसे ऐसे होते हैं, जिन्हें सुनकर भी यकीन करना मुश्किल होता है। दिल कहता है कि ऐसा कैसे संभव है, जबकि घटनाएं हकीकत के रूप में सामने खड़ी होती हैं। 1990 के दशक में प्रसारित लोकप्रिय टीवी कार्यक्रम “मानो या ना मानो” में भी ऐसी ही कई घटनाएं दिखाई जाती थीं, जो वास्तविकता पर आधारित होते हुए भी अविश्वसनीय लगती थीं। आज इंदौर में घटी ये दोनों घटनाएं उसी सोच को फिर से जीवित करती नजर आती हैं।
पहली घटना अक्टूबर 2025 की है, जब लसूड़िया थाना क्षेत्र में स्थित एक आलीशान मकान में अचानक भीषण आग लग गई। इस हादसे में महिंद्रा शोरूम के मालिक और प्रतिष्ठित उद्योगपति प्रवेश अग्रवाल की दर्दनाक मौत हो गई। बताया गया कि घर में सुरक्षा के तमाम इंतजाम मौजूद थे, लेकिन आग इतनी तेजी से फैली कि बचाव के प्रयास नाकाफी साबित हुए। परिजनों को सुरक्षित निकालने की कोशिश में अग्रवाल ने अपनी जान गंवा दी। यह घटना पूरे शहर को झकझोर देने वाली थी।
दूसरी और उससे भी अधिक भयावह घटना ब्रजेश्वरी एनेक्स क्षेत्र में सामने आई, जहां हाल ही में एक भीषण आग ने पूरे परिवार को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में उद्योगपति मनोज पूगलिया सहित एक ही परिवार के 8 लोगों की मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। परिवार को बचाने की कोशिश में पूगलिया भी खुद आग की लपटों में समा गए। यह हादसा इंदौर के इतिहास के सबसे दर्दनाक अग्निकांडों में से एक माना जा रहा है।
क्या होता है टी-प्वाइंट?
टी-प्वाइंट यानी ऐसा स्थान, जहां तीन दिशाओं से सड़कें आकर मिलती हैं—एक सड़क सीधे सामने से आती है, जबकि दो अन्य साइड से जुड़ती हैं। यदि किसी मकान का मुख्य द्वार ऐसी स्थिति में हो, जहां सामने से सीधी सड़क आकर समाप्त होती हो या टकराती हो, तो वास्तु शास्त्र में इसे अशुभ माना गया है।
इंदौर के लसूड़िया क्षेत्र में स्थित पेंटहाउस में तड़के भीषण आग लगी थी। जिसमें महिंद्रा शोरूम मालिक और कांग्रेस नेता प्रवेश अग्रवाल की दम घुटने से मौत हो गई थी। आग सुबह करीब 5 बजे लगी और शुरुआती जांच में घर में जल रही अखंड ज्योति को आग का कारण माना गया। परिवार के अन्य सदस्य किसी तरह बच गए, लेकिन धुएं और आग की चपेट में आने से अग्रवाल की जान नहीं बच सकी।
घटना की तारीख: 18 मार्च 2026 (बुधवार)
इंदौर के ब्रजेश्वरी एनेक्स इलाके में एक घर में भीषण आग लगने से एक ही परिवार के 8 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आग इलेक्ट्रिक वाहन (EV) चार्जिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट से शुरू हुई। चिंगारियां पास के बिजली पोल तक पहुंचीं और देखते ही देखते पूरा घर आग की लपटों में घिर गया। दर्दनाक हादसे में मकान मालिक मनोज पुगलिया उनकी पत्नी रुचिका, बेटी राशि, बेटा तन्मय और चचेरा भाई कार्तिक समेत कुल 8 लोगों की मौत हो गई।