58 विधायक-19 सांसद...हार के 14 दिन बाद ही टूटी TMC! ममता के खिलाफ स्पीकर को दी चिट्ठी, सामने आई लिस्ट

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर चल रहा असंतोष अब खुलकर सामने आता दिखाई दे रहा है। विधानसभा में बड़ी संख्या में विधायकों के अलग गुट बनाने की खबरों के बाद अब लोकसभा सांसदों का एक पत्र सामने आने से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, लोकसभा अध्यक्ष को भेजे गए एक पत्र में पार्टी के कई सांसदों ने अलग संसदीय समूह के रूप में मान्यता देने की मांग की है। इस घटनाक्रम ने मुख्यमंत्री और TMC सुप्रीमो ममता बनर्जी के सामने अब तक की सबसे बड़ी संगठनात्मक चुनौती खड़ी कर दी है।
18 मई को भेजा गया था पत्र
बताया जा रहा है कि लोकसभा अध्यक्ष को 18 मई को एक पत्र भेजा गया था, जिसमें सांसदों के एक समूह ने अलग संसदीय ब्लॉक के रूप में बैठने की व्यवस्था की मांग की थी। अब सामने आई लिस्ट में कई बड़े और चर्चित नाम शामिल हैं। इनमें फिल्म अभिनेता और सांसद यूसुफ पठान, सायोनी घोष, शताब्दी रॉय, काकोली घोष दस्तीदार, रचना बनर्जी और दीपक अधिकारी (देव) जैसे नेता शामिल बताए जा रहे हैं।
किन सांसदों के नाम चर्चा में हैं?
कथित बागी सांसदों की सूची
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सांसद |
लोकसभा क्षेत्र |
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काकोली घोष दस्तीदार |
बारासात |
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यूसुफ पठान |
बहरामपुर |
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सायोनी घोष |
जादवपुर |
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शताब्दी रॉय |
बीरभूम |
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रचना बनर्जी |
हुगली |
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दीपक अधिकारी (देव) |
घाटाल |
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माला रॉय |
कोलकाता दक्षिण |
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पार्थ भौमिक |
बैरकपुर |
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अबू ताहेर खान |
मुर्शिदाबाद |
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खलीलुर रहमान |
जांगीपुर |
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मिताली बाग |
आरामबाग |
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कालीपद सोरेन |
झाड़ग्राम |
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जून मालिया |
मेदिनीपुर |
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अरूप चक्रवर्ती |
बांकुड़ा |
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डॉ. शर्मिला सरकार |
बर्धमान पूर्व |
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प्रसून बंदोपाध्याय |
हावड़ा |
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असित कुमार माल |
बोलपुर |
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जगदीश बसुनिया |
कूचबिहार |
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बापी हलदार |
मथुरापुर |
रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि, एक अन्य सांसद ने अलग से समर्थन पत्र भेजा था, जिससे कुल संख्या 20 तक पहुंचने की चर्चा है।
विधानसभा में भी दिख चुका है असंतोष
इससे पहले जून की शुरुआत में बड़ी संख्या में विधायकों द्वारा विधानसभा अध्यक्ष को पत्र भेजे जाने की खबर सामने आई थी। बताया गया कि विधायकों के एक समूह ने अलग पहचान और नेतृत्व को मान्यता देने की मांग की थी। इसी के बाद बंगाल की राजनीति में TMC के अंदर गहरी गुटबाजी की चर्चाएं तेज हो गईं।
दल-बदल कानून में क्या कहता है नियम?
भारतीय संविधान की दसवीं अनुसूची (Anti-Defection Law) के अनुसार किसी भी राजनीतिक दल के कम से कम दो-तिहाई सांसद या विधायक यदि एक साथ अलग गुट बनाते हैं या किसी अन्य दल में विलय का फैसला करते हैं, तो उन्हें अलग पहचान मिलने का रास्ता खुल सकता है।
नियम एक नजर में
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स्थिति |
आवश्यक संख्या |
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अलग गुट की मान्यता |
कुल सदस्यों का 2/3 |
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फैसला कौन लेता है? |
स्पीकर/अध्यक्ष |
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कानूनी चुनौती |
हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट में संभव |
यही वजह है कि मौजूदा घटनाक्रम को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सायोनी घोष का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में क्यों?
सांसद सायोनी घोष का नाम इस सूची में सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है। उन्हें लंबे समय से पार्टी के युवा और प्रमुख चेहरों में गिना जाता रहा है। साथ ही उन्हें अभिषेक बनर्जी के करीबी नेताओं में भी माना जाता है। ऐसे में अगर उनका नाम किसी असहमति वाले समूह से जुड़ता है, तो इसे पार्टी नेतृत्व के लिए बड़ा संकेत माना जा रहा है।
राज्यसभा में भी बढ़ी हलचल
लोकसभा और विधानसभा के अलावा राज्यसभा में भी हाल के दिनों में कई नेताओं के इस्तीफे चर्चा का विषय बने हैं।
हाल में इस्तीफा देने वाले चर्चित नाम
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नेता |
इस्तीफा |
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सुखेंदु शेखर राय |
8 जून |
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सुष्मिता देव |
10 जून |
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प्रकाश चिक बड़ाईक |
11 जून |
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कोयल मलिक |
11 जून |
इन घटनाओं ने पार्टी के भीतर असंतोष की चर्चाओं को और बल दिया है।
TMC ने उठाए सवाल
तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद कीर्ति आजाद ने इन सूचियों और पत्रों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि अलग-अलग दिनों में अलग-अलग सूची सामने आ रही है और कई नाम बदलते रहे हैं। उनके मुताबिक इस पूरे मामले को राजनीतिक साजिश के तौर पर भी देखा जाना चाहिए।
TMC में असंतोष की संभावित वजहें
1. चुनावी प्रदर्शन पर सवाल
हालिया चुनावी नतीजों के बाद संगठन और रणनीति को लेकर असंतोष बढ़ा।
2. नेतृत्व को लेकर नाराजगी
पार्टी के भीतर कुछ नेताओं द्वारा फैसलों के केंद्रीकरण को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
3. संगठनात्मक गुटबाजी
जिला और राज्य स्तर पर लंबे समय से चल रही खींचतान अब खुलकर सामने आने लगी है।
4. नेता प्रतिपक्ष और संगठनात्मक नियुक्तियों पर विवाद
कुछ फैसलों को लेकर पार्टी के भीतर मतभेद बढ़े।
5. भविष्य की राजनीतिक दिशा
कई नेता पार्टी की आगामी रणनीति और गठबंधन राजनीति को लेकर अलग राय रखते हैं।











