300 कैमरा ट्रैप से वन्यजीवों की निगरानी :बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व और वन मंडल में बाघ गणना शुरू, उमरिया में 28 प्रशिक्षित सदस्यीय टीम तैनात

उमरिया। विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व (BTR) और उमरिया सामान्य वन मंडल में बाघ गणना की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस बार वन विभाग ने तकनीक का अधिकतम उपयोग करते हुए लगभग 1300 कैमरा ट्रैप लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। गणना का कार्य तीन चरणों में पूरा होगा।
पहला चरण : 7 परिक्षेत्रों में 650 कैमरे इंस्टॉल
पहले चरण में बांधवगढ़ के 4 और सामान्य वन मंडल के 3 परिक्षेत्रों सहित कुल 7 परिक्षेत्रों में 650 स्थानों पर कैमरे लगाए जा रहे हैं।
- कैमरा लगाने के लिए बीटीआर की 28 सदस्यीय विशेष टीम तैनात
- वन अधिकारियों और स्थानीय कर्मचारियों को निगरानी की जिम्मेदारी
- प्रत्येक कैमरा 24 घंटे रिकॉर्ड करेगा गतिविधियां
क्षेत्र संचालक डॉ. अनुपम सहाय ने बताया कि कैमरों की सुरक्षा के लिए 250 वनकर्मियों की टीम तैयार की गई है, जो पूरे महीने इन कैमरों की रखवाली करेगी।
कैमरा ट्रैप विधि : बाघ गणना का सबसे विश्वसनीय तरीका
कैमरा ट्रैप तकनीक को बाघों की गणना का सबसे विश्वसनीय माध्यम माना जाता है।
- बाघों के शरीर पर बनी विशिष्ट धारियों से पहचान
- मूवमेंट, व्यवहार और निवास क्षेत्र की जानकारी
- अन्य वन्यजीवों की गतिविधियों का सटीक रिकॉर्ड
यह तकनीक न सिर्फ संख्या बताएगी, बल्कि बाघों के संरक्षण की रणनीति को और मजबूत बनाएगी।
15 नवंबर से अखिल भारतीय बाघ गणना प्रक्रिया शुरू
अखिल भारतीय बाघ गणना की प्रक्रिया 15 नवंबर से शुरू होकर मार्च तक चलेगी। इस बार संख्या बढ़ने की उम्मीद है।
- बांधवगढ़ प्रबंधन अखिल भारतीय बाघ गणना के लिए सभी तैयारियां पूरी कर चुका है।
- 1300 कैमरे विभिन्न जंगल क्षेत्रों में लगाए गए
- 27 सदस्यीय कैमरा ट्रैपिंग स्पेशल टीम
- दिसंबर से मार्च तक जारी रहेगा डेटा विश्लेषण
पिछली गणना में 150 से अधिक बाघों की उपस्थिति दर्ज की गई थी। इस वर्ष बाघों की संख्या में इजाफे की उम्मीद जताई जा रही है।
4 वर्ष में एक बार होती है गणना
डॉ. अनुपम सहाय के अनुसार, बाघों की गणना चार वर्ष में एक बार होती है। इस बार बांधवगढ़ के अलावा 6 अन्य वन मंडल भी शामिल हैं।
- नॉर्थ शहडोल
- साउथ शहडोल
- उमरिया
- अनूपपुर
- कटनी
- कुंडम
इन सभी क्षेत्रों के वनकर्मी भी इस गणना अभियान में सहयोग दे रहे हैं।












