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तारिक रहमान की वापसी :17 साल बाद बांग्लादेश लौटे खालिदा जिया के बेटे, BNP की कमान संभालेंगे

बांग्लादेश की पूर्व पीएम खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान 17 साल बाद देश लौटे। ढाका एयरपोर्ट पर BNP के लाखों समर्थकों ने स्वागत किया। Tarique Rahmanअगले साल फरवरी में होने वाले आम चुनाव में BNP की कमान संभाल सकते हैं। उनकी वापसी भारत और बांग्लादेश के कूटनीतिक संतुलन के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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17 साल बाद बांग्लादेश लौटे खालिदा जिया के बेटे, BNP की कमान संभालेंगे
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    ढाका। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे और BNP के कार्यवाहक अध्यक्ष तारिक रहमान 17 साल के निर्वासन के बाद बुधवार को बांग्लादेश लौट आए। एयरपोर्ट पर उनके (Tarique Rahman) स्वागत के लिए एक लाख से अधिक BNP समर्थक जुटे। रहमान 2008 में भ्रष्टाचार के आरोपों से बचने के लिए लंदन भाग गए थे।

    तारिक रहमान का राजनीतिक सफर त्व

    जन्म और शिक्षा: 20 नवंबर 1965, इंटरनेशनल रिलेशंस, यूनिवर्सिटी ऑफ ढाका।

    राजनीति में कदम: 1988 में बांग्लादेश की राजनीति में एंट्री।

    मुख्य घटनाएं:

    2004: आवामी लीग की रैली पर ग्रेनेड हमले में आजीवन कारावास।

    2007: भ्रष्टाचार के 84 मामले।

    2008: गिरफ्तारी से बचकर लंदन चले गए।

    2018: BNP के कार्यकारी अध्यक्ष बने।

    2024: हसीना के तख्तापलट के बाद कई आरोपों से बरी।

    26 दिसंबर को रहमान बोगुरा में अपने पिता की कब्र पर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे और बोगुरा सीट से चुनावी नामांकन दाखिल करेंगे।

    BNP की अध्यक्ष खालिदा जिया की उम्र 80 साल हो चुकी है और वे बीमार चल रही हैं। इस कारण, माना जा रहा है कि रहमान आगामी चुनावों में BNP का नेतृत्व करते हुए अगले प्रधानमंत्री के दावेदार हो सकते हैं।

    राजनीतिक परिदृश्य और आगामी चुनाव

    बांग्लादेश में अगले साल 12 फरवरी को आम चुनाव होने हैं। शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग को चुनाव में भाग लेने से रोका गया है। BNP चुनाव जीतने की सबसे बड़ी दावेदार है। BNP के सामने प्रमुख चुनौती नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) से हो सकती है। जमात-ए-इस्लामी के समर्थन के बावजूद अकेले चुनाव जीतना मुश्किल।

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    तारिक रहमान की वापसी का भारत पर असर

    राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, तारिक रहमान का प्रधानमंत्री बनना भारत के लिए एक बड़ी कूटनीतिक चुनौती बन सकता है। उनके नेतृत्व में इस्लामिक कट्टरपंथियों को बढ़ावा मिलने का खतरा है, जिससे बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर असर पड़ सकता है। इसके अलावा, पाकिस्तान के साथ लंबित रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर होने की संभावना है, जो भारत की सीमा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है। इस परिदृश्य में पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम जैसी राज्यों के लिए सुरक्षा चुनौतियां और बढ़ सकती हैं।

    BNP रैली और ढाका में सुरक्षा इंतजाम

    BNP ने ढाका एयरपोर्ट और शहर के प्रमुख रास्तों पर भारी भीड़ और भव्य रैली की तैयारी की है। इसके चलते 25 दिसंबर की दोपहर से 26 दिसंबर की शाम तक ढाका जाने वाले मार्गों को बंद रखा जाएगा। इस स्थिति को देखते हुए अमेरिकी दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है और उन्हें सतर्क रहने की सलाह दी है।

    यह भी पढ़ें: ढाका में सियासी खून..! उस्मान हादी के भाई का आरोप- चुनाव रोकने के लिए यूनुस सरकार ने हत्या करवाई

    Manisha Dhanwani
    By Manisha Dhanwani

    मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

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