
नई दिल्ली। गृह मंत्रालय ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) राजीव कुमार को Z कैटेगरी की सुरक्षा दी है। बता दें कि TMC के साथ-साथ कई राजनीतिक पार्टियां इस समय हंगामा कर रही है। इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) की थ्रेट परसेप्शन की खुफिया रिपोर्ट के बाद मंगलवार को मुख्य चुनाव आयुक्त को सुरक्षा दी गई है।
Z कैटेगरी की सुरक्षा में क्या होगा ?
जेड श्रेणी की सुरक्षा में कुल 33 सुरक्षागार्ड तैनात होते हैं। इसमें सशस्त्र स्टैटिक गार्ड, चौबीसों घंटे सुरक्षा प्रदान करने वाले छह निजी सुरक्षा अधिकारी (पीएसओ) और तीन शिफ्टों में काम करने वाले 12 सशस्त्र एस्कॉर्ट कमांडो शामिल रहेंगे। इसके अलावा 2 वॉचर्स शिफ्ट में और 3 ट्रेंड ड्राइवर राउंड द क्लॉक मौजूद रहते हैं।
Chief Election Commissioner Rajiv Kumar granted 'Z' security cover
Read @ANI Story | https://t.co/RJUp3M2ec6#RajivKumar #CEC #Security pic.twitter.com/s2tDL4KtVh
— ANI Digital (@ani_digital) April 9, 2024
6 वर्ष के लिए होता है कार्यकाल
चीफ इलेक्शन कमिश्नर और इलेक्शन कमिश्नर का कार्यकाल 6 वर्ष के लिए होता है। CEC की सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष और चुनाव आयुक्तों की 62 वर्ष होती है। चुनाव आयुक्त का पद और वेतनमान भारत के सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के समान होता है। मुख्य चुनाव आयुक्त को संसद द्वारा महाभियोग के जरिए ही हटाया जा सकता है या फिर वह स्वयं अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। भारत के निर्वाचन आयोग के पास विधानसभा, लोकसभा, राज्यसभा, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव संपन्न कराने की जिम्मेदारी होती है।
1984 बैच के आईएएस रहे राजीव कुमार
राजीव कुमार देश के 25वें चीफ इलेक्शन कमिश्नर हैं। 1984 बैच के आईएएस अधिकारी रहे राजीव कुमार ने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा की जगह ली है। वे इससे पहले चुनाव आयुक्त भी रह चुके हैं। बिहार और झारखंड कैडर के आईएएस रहे राजीव कुमार 2020 में भारतीय प्रशासनिक सेवा से रिटायर हुए थे।
7 चरणों में होगा चुनाव
देश में लोकसभा चुनाव 7 चरणों में होने जा रहे हैं, पहला चरण- 19 अप्रैल, दूसरा चरण- 26 अप्रैल, तीसरा चरण- 7 मई, चौथा चरण- 13 मई, पांचवां चरण- 20 मई, छठवां चरण- 25 मई और सातवां चरण- 1 जून को होगा। सभी चरणों के मतदान की काउंटिंग 4 जून को होगी। चुनाव में 97 करोड़ वोटर्स मतदान करेंगे। 10.5 लाख पोलिंग स्टेशन होंगे।
ये भी पढ़ें- CAA के खिलाफ दाखिल 237 याचिकाओं पर आज सुनवाई, सुप्रीम कोर्ट ने 19 मार्च को सरकार से 3 हफ्ते में मांगा था जवाब