
इंटरनेट पर फेमस यूट्यूबर रणवीर अल्लाहबादिया (Beerbiceps) को ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ में दिए गए एक बयान के कारण भारी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। इस विवाद ने तूल पकड़ लिया है और अब पुलिस, राजनीति और सोशल मीडिया पर इसकी चर्चा तेज हो गई है।
क्या है पूरा मामला?
यूट्यूबर रणवीर अल्लाहबादिया स्टैंड-अप कॉमेडियन समय रैना के शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ में बतौर जज शामिल हुए थे। शो में रणवीर ने एक कंटेस्टेंट के माता-पिता को लेकर एक विवादित टिप्पणी की, जिसके बाद सोशल मीडिया पर उनकी कड़ी आलोचना होने लगी। उनके साथ इस शो में इन्फ्लुएंसर अपूर्वा मखीजा और अन्य कंटेंट क्रिएटर्स भी मौजूद थे।
मामला पहुंचा संसद, PM मोदी का नाम भी आया चर्चा में
इस मामले पर अब राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी आने लगी है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सतर्क रहने की सलाह दी और कहा कि वह देखभाल कर तय करें कि वह किन लोगों को प्रमोट कर रहे हैं। गौरतलब है कि पीएम मोदी ने पिछले साल डिजिटल क्रिएटर्स अवॉर्ड्स में रणवीर को ‘डिसरप्टर ऑफ द ईयर’ का अवॉर्ड दिया था।
मंगलवार को संसद के बजट सत्र में रणवीर अल्लाहबादिया का मामला संसद में छेड़ा गया। रिपोर्ट्स के अनुसार एक संसदीय पैनल इस पर चर्चा कर रहा है कि रणवीर अल्लाहबादिया को समन किया जाए या नहीं। साथ ही पॉडकास्टर को नोटिस जारी किया जा सकता है।
देशभर में दर्ज हुई शिकायत, मुंबई पुलिस पहुंची घर
रणवीर के इस बयान के बाद देश के कई हिस्सों में उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है। मुंबई और असम में उनके खिलाफ FIR दर्ज हुई है। मंगलवार को मुंबई पुलिस रणवीर के घर पहुंची और उनसे पूछताछ की। पुलिस ने रणवीर, समय रैना, अपूर्वा मखीजा और अन्य शामिल लोगों को जांच में शामिल होने के लिए कहा है।
राजपूत करणी सेना और अन्य संगठनों ने जताई आपत्ति
संस्कृति और परंपरा को लेकर सक्रिय राजपूत करणी सेना सहित कई संगठनों ने भी इस विवादित बयान की निंदा की है। उन्होंने कहा कि यह भारतीय संस्कृति के खिलाफ है और इस तरह के कंटेंट पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस की जांच में क्या सामने आता है और सरकार इस पर क्या कदम उठाती है। सोशल मीडिया पर रणवीर और समय रैना के खिलाफ लोगों का गुस्सा बना हुआ है और यह देखना होगा कि इस विवाद का अंत कहां होता है।