PlayBreaking News

स्वच्छता सर्वेक्षण 2025:ग्वालियर में केंद्रीय टीम का सख्त निरीक्षण, जमीनी हकीकत से तय होगी रैंकिंग, 12500 अंकों के लिए होगा सर्वे

स्वच्छता सर्वेक्षण 2025 के लिए दिल्ली से आने वाली टीम की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। उम्मीद की जा रही है कि शहर की रैंकिंग तय करने वाली केंद्रीय टीम अप्रैल के आखिरी सप्ताह या मई के पहले सप्ताह में ग्वालियर में दस्तक देगी। वहीं इस बार आने वाली टीम का दौरा सिर्फ औपचारिक निरीक्षण तक नहीं, बल्कि जमीनी हकीकत परखने के साथ पूरा होगा।
Follow on Google News
ग्वालियर में केंद्रीय टीम का सख्त निरीक्षण, जमीनी हकीकत से तय होगी रैंकिंग, 12500 अंकों के लिए होगा सर्वे
AI GENERATED IMAGE

ग्वालियर। स्वच्छता सर्वेक्षण 2025 में ग्वालियर की रैंकिंग इस बार पूरी तरह जमीनी हकीकत पर निर्भर होगी। केंद्रीय टीम अचानक निरीक्षण और नागरिकों के फीडबैक के आधार पर मूल्यांकन करेगी। नगर निगम ने भी तैयारियां तेज कर दी हैं और शहर में सख्त निगरानी शुरू हो गई है। साफ शब्दों में कहें तो 12500 अंकों के लिए दावा केवल जमीनी हकीकत और जनता के फीडबैक से तय होगा।

12500 अंकों का पूरा खेल जमीनी हकीकत पर

केन्द्रीय शहरी विकास मंत्रालय द्वारा स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 को कुल 12 हजार 500 अंक रखे गए हैं, जिसमें से 10,500 अंक ऑन-ग्राउंड असेसमेंट (नागरिक फीडबैक सहित) के लिए निर्धारित हैं, जबकि 2 हजार अंक सर्टिफिकेशन के लिए तय किए गए हैं। ऐसे में साफ है कि इस बार शहर की वास्तविक जमीनी स्थिति ही रैंकिंग का भविष्य तय करेगी। हालांकि सर्वे के लिए निर्धारित अंकों में सर्टिफिकेशन के 2,000 अंकों में 1,000 अंक ओडीएफ, ओडीएफ प्लस, ओडीएफ डबल प्लस और वाटर प्लस श्रेणी के लिए निर्धारित हैं, जबकि 1 हजार अंक गार्बेज फ्री सिटी के लिए रखे गए हैं। यानी कागजी दावों से ज्यादा अब धरातल पर व्यवस्थाओं की मजबूती को परखा जाएगा।

ये भी पढ़ें: Bollywood: संजय दत्त फिर बने ‘बल्लू’, ‘खलनायक रिटर्न्स’ का टीज़र रिलीज

अचानक निरीक्षण से परखी जाएगी सफाई व्यवस्था

जांच टीम की खास रणनीति के चलते वह अचानक किसी भी वार्ड, कॉलोनी, बाजार या सार्वजनिक स्थल पर पहुंच सकती है। वहां मौजूद लोगों से सीधे सवाल किए जाएंगे, जिससे यह पता लगाया जा सके कि सफाई व्यवस्था वास्तव में कितनी प्रभावी है। यही कारण है कि निगम ने अपने अमले को पहले से सतर्क कर दिया है और फील्ड में सक्रियता बढ़ा दी गई है। जांच सर्वेक्षण के दौरान सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति, पार्कों की साफ-सफाई, सड़कों की स्वच्छता, नालियों की सफाई, स्ट्रीट लाइट व्यवस्था, चौक-चौराहों का सौंदर्यीकरण, फव्वारों की कार्यशीलता, रात में सफाई व्यवस्था, वार्ड स्तर पर डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण और कचरे के निस्तारण की व्यवस्था का अवलोकन किया जाएगा। इसके साथ ही नागरिकों से सीधे फीडबैक लिया जाएगा, जो कुल अंकों में अहम भूमिका निभाएगा।

नागरिकों से सीधे सवाल, फीडबैक से तय होंगे नंबर

इन सवालों से परखी हकीकत जाएगी -क्या आपके घर से रोज कचरा उठता होता है? -क्या आप गीला और सूखा कचरा अलग-अलग रखते हैं? -क्या आपके क्षेत्र के नाले और ड्रेनेज साफ हैं? -क्या आप अपने शहर में थ्री आर के पुन: उपयोग और रीसाइकल केंद्र के बारे में जागरूक हैं? -क्या आपने हाल ही में अपने शहर में कोई सार्वजनिक टॉयलेट या सामुदायिक टॉयलेट का उपयोग किया है? -क्या शहर में सामुदायिक शौचालय-सार्वजनिक शौचालय साफ और अच्छे हैं? -क्या आपको पता हैं? कि आप डिजिटल मानचित्रों-मैप पर नजदीकी सामुदायिक शौचालय-सार्वजनिक शौचालय को खोज सकते हैं? -आप अपने आस पड़ोस की साफ सफाई को कितने अंक देंगे? -आप अपने शहर की पूरी स्वच्छता को कितने अंक देंगे? 

ये भी पढ़ें: सोहागपुर: शोभापुर के अभिज्ञान पुरोहित ने रचा इतिहास, ISRO में AIR-2 हासिल कर बढ़ाया प्रदेश का मान

निगम की तैयारियां और सख्त निगरानी

निगम की बढ़ी सक्रियता टीम के संभावित दौरे को देखते हुए नगर निगम ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। सफाई कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि घर-घर से गीला और सूखा कचरा अलग-अलग लिया जाए। कई क्षेत्रों में यह व्यवस्था लागू भी हो गई है, जहां कर्मचारी मौके पर ही मिक्स कचरे को अलग कर लोगों को जागरूक कर रहे हैं। नगर निगम भी सार्वजनिक शौचालयों में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दे रहा है। शौचालयों में तौलिया, साबुन, हैंड ड्रायर और उचित प्रकाश व्यवस्था की सुविधा सुनिश्चित की जा रही है। -स्वच्छता सर्वेक्षण में गंदे टॉयलेट को येलो स्पॉट के रूप में चिन्हित किया जाता है, इसलिए इन पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। वार्ड 1 में जिन्नातों की मस्जिद के पास नए शौचालय का निर्माण प्रस्तावित है। -वार्ड 40 में भैंसा चौक स्थित रामजानकी मंदिर के पास भी नया शौचालय बनाया जाएगा। इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई घटनाओं के बाद इस बार का सर्वेक्षण अधिक सख्त माना जा रहा है। ग्वालियर को वाटर प्लस का दर्जा प्राप्त होने के कारण जल स्रोतों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। 

Rohit Sharma
By Rohit Sharma

पीपुल्स इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया स्टडीज, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय...Read More

नई दिल्ली
--°
बारिश: -- mmह्यूमिडिटी: --%हवा: --
Source:AccuWeather
icon

Latest Posts