Suvendu Adhikari:भवानीपुर या नंदीग्राम कौन सी सीट चुनेंगे सुवेंदु ?, बंगाल में कल सुबह 11 बजे शपथ ग्रहण

सुवेंदु अधिकारी ने भवानीपुर और नंदीग्राम दोनों सीटों पर जीत हासिल की है। भवानीपुर में उन्होंने ममता बनर्जी को हराकर बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है। नंदीग्राम में भी उन्होंने मजबूत जीत दर्ज की है। अब उनके सामने एक सीट चुनने की चुनौती खड़ी हो गई है।
दो सीटों पर जीत से बढ़ा राजनीतिक कद
सुवेंदु अधिकारी ने इस चुनाव में दो अहम सीटों से चुनाव लड़कर अपनी राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन किया है। उन्होंने भवानीपुर और नंदीग्राम दोनों जगह जीत हासिल कर यह साबित कर दिया कि वह राज्य की राजनीति में मजबूत नेता बन चुके हैं। यह जीत सिर्फ चुनावी सफलता नहीं, बल्कि उनकी रणनीति और जनाधार का संकेत भी है। खासतौर पर दो अलग-अलग क्षेत्रों में जीत दर्ज करना उनकी व्यापक स्वीकार्यता को दर्शाता है। बीजेपी के भीतर भी उनका कद पहले से ज्यादा मजबूत हो गया है।
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भवानीपुर में ममता बनर्जी को शिकस्त
भवानीपुर सीट पर मिली जीत सबसे ज्यादा चर्चा में है, क्योंकि यहां उनका मुकाबला टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी से था। इस सीट को लंबे समय से टीएमसी का गढ़ माना जाता रहा है, लेकिन सुवेंदु ने यहां जीत दर्ज कर बड़ा राजनीतिक उलटफेर किया है। यह जीत बीजेपी के लिए बढ़ी बढ़त भी मानी जा रही है। ममता बनर्जी को उनके ही मजबूत क्षेत्र में हराना आसान नहीं था, लेकिन सुवेंदु ने यह कर दिखाया।
नंदीग्राम में फिर दोहराई जीत
नंदीग्राम सीट पर भी सुवेंदु अधिकारी ने मजबूत प्रदर्शन किया और अपने प्रतिद्वंदी पवित्र कर को हराया। उन्हें एक लाख से ज्यादा वोट मिले और उन्होंने लगभग 9 हजार वोटों के अंतर से जीत हासिल की। नंदीग्राम को बंगाल की राजनीति का केंद्र माना जाता रहा है, इसलिए यहां की जीत का महत्व और बढ़ जाता है। यह वही सीट है जहां 2021 में भी उन्होंने ममता बनर्जी को हराया था। इस बार भी उन्होंने इस सीट पर अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी है।
2021 की जीत से जुड़ी यादें फिर ताजा
नंदीग्राम का नाम आते ही 2021 के विधानसभा चुनाव की यादें ताजा हो जाती हैं। उस चुनाव में ममता बनर्जी को बेहद करीबी मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा था। सुवेंदु अधिकारी ने उस समय भी उन्हें कड़ी टक्कर दी थी और जीत हासिल की थी। इसके बाद ममता बनर्जी को भवानीपुर से उपचुनाव जीतकर मुख्यमंत्री बनना पड़ा था। अब एक बार फिर वही राजनीतिक कहानी दोहराई जाती नजर आ रही है। इससे नंदीग्राम की अहमियत और बढ़ गई है।
कौन सी सीट रखेंगे सुवेंदु ?
दो सीटों पर जीत के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि सुवेंदु अधिकारी किस सीट को अपने पास रखेंगे। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भवानीपुर सीट उनके लिए ज्यादा अहम हो सकती है, क्योंकि यहां उन्होंने टीएमसी के गढ़ को ध्वस्त किया है। वहीं नंदीग्राम उनकी पारंपरिक मजबूत सीट रही है। ऐसे में दोनों विकल्प उनके सामने खुले हैं।












