सीहोर में ‘संडे का सुकून’ ने 450 बच्चों के साथ मनाई दीपावली, लगातार नौवें साल बांटी खुशियां और उपहार
सीहोर। दीपावली पर घर-आंगन में जलने वाले दीपक तो हर साल रोशनी करते हैं लेकिन कुछ दीप ऐसे भी होते हैं, जो किसी के जीवन में उम्मीद, अपनापन और खुशियों का उजाला भर देते हैं। शहर की सामाजिक संस्था 'संडे का सुकून' ने अपनी इसी संवेदनशील पहल से एक बार फिर 450 जरूरतमंद बच्चों की दीपावली को यादगार बना दिया। संस्था ने लगातार नौवें वर्ष बच्चों के बीच पहुंचकर न सिर्फ उपहार बांटे, बल्कि उन्हें यह अहसास भी कराया कि समाज में उनके सपनों और खुशियों की परवाह करने वाले लोग भी मौजूद हैं।
नौ साल से कायम है खुशियां बांटने का संकल्प
संडे के स्कूल के अंकुर राठौर ने बताया कि आर्थिक और सामाजिक परिस्थितियों के कारण कई बच्चे त्योहारों की उन खुशियों से दूर रह जाते हैं, जिन्हें दूसरे परिवार सहजता से मना पाते हैं। ऐसे ही बच्चों के जीवन में दीपावली की मिठास घोलने के उद्देश्य से संडे का सुकून हर साल यह आयोजन करता है। नौ वर्षों से जारी यह परंपरा अब एक सामाजिक अभियान का रूप ले चुकी है। इस बार भी संस्था की टीम बच्चों के लिए पढ़ाई और खेलकूद से जुड़ी उपयोगी सामग्री सहित कई आकर्षक उपहार लेकर पहुंची।
अतिथियों की मौजूदगी ने बढ़ाया बच्चों का उत्साह
आयोजन में एडिशनल एसपी डॉ. प्रशांत चौबे, सीएसपी डॉ. अभिनंदना शर्मा, पैरालंपिक पदक विजेता एवं अर्जुन अवॉर्डी कपिल परमार और सूबेदार प्राची राजपूत अतिथि के रूप में शामिल हुए। शहर और प्रदेश के सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स ने भी बच्चों के बीच पहुंचकर उनके साथ समय बिताया। अतिथियों ने बच्चों को स्नेह और प्रोत्साहन दिया तथा भरोसा दिलाया कि जरूरत पड़ने पर वे हमेशा उनके साथ खड़े रहेंगे।
उपहार पाकर खिल उठे चेहरे, गूंजा प्यार का संदेश
बच्चों को हर साल इस आयोजन का बेसब्री से इंतजार रहता है। इस बार भी जैसे ही संस्था की टीम उनके बीच पहुंची, बच्चों का उत्साह देखते ही बन रहा था। उपहार पाकर उनके चेहरे खुशी से खिल उठे। अपनेपन से अभिभूत बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ 'WE LOVE YOU SUNDAY KA SUKOON' कहकर संस्था की टीम के प्रति अपना प्यार जताया। यह भावुक पल आयोजन की सबसे खूबसूरत यादों में शामिल हो गया।
भीम और गोरिल्ला डांस ने बांधा समां
बच्चों के मनोरंजन के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। आकर्षक भीम और गोरिल्ला डांस ने बच्चों को खूब गुदगुदाया। वहीं स्वादिष्ट नाश्ते की व्यवस्था ने आयोजन को और भी यादगार बना दिया। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की सहभागिता ने भी कार्यक्रम को खास बनाया। उनकी मौजूदगी ने यह संदेश दिया कि लोकप्रियता का वास्तविक महत्व तब है, जब उसका इस्तेमाल समाज के जरूरतमंद लोगों के चेहरों पर मुस्कान लाने के लिए किया जाए।
कपिल परमार ने संघर्ष की कहानी सुनाकर जगाई उम्मीद
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण अर्जुन अवॉर्डी और पैरालंपिक पदक विजेता कपिल परमार रहे। उन्होंने बच्चों से आत्मीय संवाद करते हुए अपने संघर्ष, मेहनत और सफलता की कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि कठिन परिस्थितियां कभी भी लक्ष्य हासिल करने के रास्ते की अंतिम बाधा नहीं होतीं। दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर प्रयास से हर चुनौती को पार किया जा सकता है। उनकी बातें सुनकर बच्चों में आगे बढ़ने और अपने सपनों को पूरा करने का नया उत्साह दिखाई दिया।
सुरक्षित दीपावली मनाने का दिया संदेश
इस अवसर पर एडिशनल एसपी डॉ. प्रशांत चौबे ने बच्चों और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स से हानिकारक पटाखों का उपयोग नहीं करने की अपील की। उन्होंने सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल दीपावली मनाने का संदेश दिया। लगातार नौ वर्षों से आयोजित हो रही 'सुकून की दिवाली' अब केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक संवेदनशीलता और मानवीय रिश्तों की मिसाल बन गई है। इस आयोजन ने एक बार फिर साबित किया कि त्योहारों की असली रोशनी महंगे उपहारों या आतिशबाजी में नहीं, बल्कि किसी के चेहरे पर मुस्कान लाने में छिपी होती है।






















