Farmers Protest: सरकार पर बातचीत के लिए गंभीर ना होने का आरोप, किसान संगठनों की बैठक आज; आंदोलन बढ़ाने का हो सकता है एलान
संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) की आज फिर सुबह 11 बजे सिंघू बॉर्डर पर बैठक होने वाली है। किसान आंदोलन की अगुवाई कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने केंद्र सरकार पर उसकी अनदेखी करने का आरोप लगाया है। किसान नेताओं का कहना है कि सरकार आंदोलन को बदनाम करने की कोशिश कर रही है। इसी को लेकर इमरजेंसी मीटिंग बुलाई गई है। वहीं आज सुप्रीम कोर्ट में सड़क खाली करने को लेकर भी सुनवाई होगी।
बातचीत के लिए नहीं आया न्यौता
नेताओं ने कहा कि 4 दिसंबर को हुई बैठक में मोर्चा ने न्यूनतम समर्थन मूल्य(MSP) आदि मुद्दे को लेकर अपनी तरफ से 5 नाम सरकार को भेज दिए थे, लेकिन बातचीत का अभी तक कोई न्यौता नहीं मिला है। ऐसे में कमेटी ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार का यही रवैया रहा तो किसान दिल्ली कूच का फैसला ले सकते हैं।इन मुद्दों पर अड़े हुए हैं किसान
तीनों कृषि कानून(AgricultureBill) रद्द होने के बावजूद किसान संगठन आंदोलन पर अड़े हुए हैं। किसान नेता राकेश टिकैत MSP पर गारंटी नहीं मिलने तक आंदोलन पर अड़े रहने की बात कह चुके हैं, हालांकि पंजाब के किसान आंदोलन खत्म करने की बात करते आ रहे हैं। किसान मोर्चा ने सरकार से बातचीत के लिए 5 सदस्यों की टीम बनाई है। वैसे तो किसानों की 6 मांगें हैं, लेकिन MSP पर कानून, मृतक किसानों के परिजनों को मुआवजा आदि जैसी मांगों पर वो कोई समझौता करने को तैयार नहीं हैं।कमेटी में कौन-कौन हैं?
- पंजाब से बलबीर राजेवाल
- हरियाणा से गुरनाम सिंह चढूनी
- उत्तर प्रदेश से युद्धवीर सिंह
- मध्य प्रदेश से शिव कुमार कक्का
- और महाराष्ट्र से अशोक धवले का नाम शामिल था











