श्योपुर। कूनो नेशनल पार्क में बोत्सवाना से लाए गए चीतों का अनुकूलन लगातार बेहतर होता जा रहा है। इस वर्ष 28 फरवरी को यहां 9 चीते (6 मादा और 3 नर) लाए गए थे, उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत क्वारंटाइन बोमा में रखा गया था। अनिवार्य क्वारंटाइन अवधि सफलतापूर्वक पूरी होने और संबंधित प्राधिकरणों से आवश्यक अनुमतियां प्राप्त होने के बाद, इनमें से 6 चीतों (4 मादा और 2 नर) को सॉफ्ट रिलीज बोमा में स्थानांतरित कर दिया गया है।
यह प्रक्रिया चीतों को प्राकृतिक वातावरण में धीरे-धीरे ढालने के उद्देश्य से की जाती है, ताकि वे पूरी तरह सुरक्षित तरीके से जंगल में रह सकें। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार शेष तीन चीतों को भी जल्द ही सॉफ्ट रिलीज बोमा में शिफ्ट किया जाएगा। सभी 9 चीते पूरी तरह स्वस्थ हैं और नए वातावरण के साथ अच्छी तरह सामंजस्य स्थापित कर रहे हैं। चीता परियोजना के एपीसीसीएफ एवं फील्ड डायरेक्टर ने बताया कि चीतों की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है और उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि उनकी सुरक्षा और अनुकूलन सुनिश्चित किया जा सके।
अधिकारियों के मुताबिक, बोत्सवाना से आए सभी 9 चीते एकदम फिट हैं और उन्हें कूनो का वातावरण रास आ रहा है। भारत से वर्षों पहले गायब हो चुके चीतों को वापस लाने की दिशा में इस प्रोजेक्ट को बहुत अहम माना जा रहा है। चीता प्रोजेक्ट के फील्ड डायरेक्टर ने बताया कि इन सभी की सेहत और रहने-सहने के ढंग पर चौबीसों घंटे नजर रखी जा रही है, ताकि आगे चलकर इन्हें सुरक्षित तरीके से खुले जंगल में छोड़ा जा सके। मौजूदा समय में कूनो नेशनल पार्क में कुल 50 चीते हो गए हैं, इनमें से 12 चीते खुले जंगल में घूम रहे हैं।