सिंहस्थ की तैयारी :इंदौर एयरपोर्ट के विस्तार के लिए सिंहासा के पास मिलेगी 98 एकड़ जमीन

नवीन यादव, इंदौर। देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट के विस्तार को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। एयरपोर्ट को सिंहासा क्षेत्र की ओर करीब 98 एकड़ अतिरिक्त जमीन मिलने जा रही है। जल्द ही इसका आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी होने की संभावना है। प्रबंधन ने इसे लेकर योजना तैयार कर ली है। एयरपोर्ट प्रबंधन के सूत्रों के अनुसार इस संबध में दो दिन पहले एयरपोर्ट प्रबंधन के उच्च अधिकारियों की भोपाल में अफसरों से मिटिंग हुई है, जिसमें इस बात की सहमति बन गई है। वहां से सैद्धांतिक सहमति मिलने के बाद अब शासन की तरफ से नोटिफिकेशन कर जमीन एयरपोर्ट प्रबंधन को दी जाएगी, जिससे एयरपोर्ट के विस्तार के रास्ते खुल जाएंगे।
अभी 729 एकड़ में है एयरपोर्ट
उल्लेखनीय है कि मौजूदा समय में एयरपोर्ट करीब 729 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है, लेकिन बढ़ती फ्लाइट्स और यात्रियों की संख्या के कारण यह अपनी क्षमता की सीमा के करीब पहुंच चुका है। जानकारी के अनुसार वर्ष 2025 में एयरपोर्ट ने 43 लाख से ज्यादा यात्रियों का आंकड़ा पार कर लिया, जो इसकी मौजूदा क्षमता के लिए बड़ा दबाव माना जा रहा है। अब प्रबंधन ने पुराने पड़े टर्मिनल को एटीआर विमानों के लिए तैयार किया है, जिसका जल्द शुभारंभ होगा।
खाली पड़ी है जमीन
सिंहासा की ओर मिलने वाली यह नई जमीन खाली भूमि है, जिस पर एयरपोर्ट का सुनियोजित विस्तार किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस विस्तार के बाद इंदौर एयरपोर्ट की आने वाले कई सालों की जरूरतें पूरी हो जाएंगी। प्रबंधन के अनुसार इस विस्तार का मुख्य उद्देश्य सिंहस्थ 2028 और भविष्य की यात्री संख्या में होने वाली वृद्धि को संभालना है। जिसके बाद एयरपोर्ट की वार्षिक क्षमता 40 लाख से बढ़कर 1 करोड़ (प्रथम चरण) और अंतत: 2.5 करोड़ यात्रियों तक पहुंच जाएगी।
मांगी थी 1,230 एकड़ जमीन और मिल रही 98 एकड़
प्रबंधन सूत्रों के अनुसार एयरपोर्ट के आसपास हवाई अड्डे के पास सिंहासा, नैनोद, कोर्डियाबर्डी और अन्य गांवों की लगभग 1,230 एकड़ जमीन चिह्नित की गई थी, जिसमें से सिंहासा गांव में अकेले 203.33 हेक्टेयर जमीन शामिल है। एयरपोर्ट के चरण-कक के विस्तार के लिए करीब 98 एकड़ अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता बताई गई है, जो अब दी जाएगी। इसके अतिरिक्त वर्तमान में 2,754 मीटर लंबे रनवे को बढ़ाकर 3,500 मीटर करने की योजना है, ताकि बड़े ड्रीमलाइनर विमान आसानी से लैंड कर सकें। सिंहासा की तरफ मिलने वाली जमीन का उपयोग मल्टीलेवल कार पार्किंग, शॉपिंग जोन, फूड कोर्ट और आगामी मेट्रो स्टेशन से कनेक्टिविटी के लिए किया जा सकता है।












