सीहोर: खराब सड़क से परेशान लोगों ने किया चक्काजाम, 30 करोड़ की सड़क उखड़ी
सीहोर। विधायक सुदेश राय ने मौके पर ही चूरी से भरे डंपर बुलवाकर गड्ढों को भरवाना शुरू कराया, जबकि नगर पालिका अध्यक्ष प्रिंस राठौर ने भी नागरिकों से चर्चा कर तत्काल सुधार कार्य शुरू कराने का भरोसा दिया। लेकिन असली सवाल अब भी वहीं खड़ा है। करीब 30 करोड़ रुपये की लागत से बनी सड़क इतनी जल्दी बदहाल कैसे हो गई?
सड़क नहीं, गड्ढों का जाल बना मंडी मार्ग
मंडी क्षेत्र के दुकानदारों और रहवासियों का कहना है कि सड़क की स्थिति लंबे समय से लगातार बिगड़ती जा रही थी। जगह-जगह बड़े गड्ढे वाहन चालकों के लिए मुसीबत बने हुए हैं। दोपहिया वाहन चालक इन गड्ढों से बचते हुए निकलने को मजबूर हैं। भारी वाहनों की आवाजाही से समस्या और गंभीर हो रही है। बारिश के बाद सड़क की हालत ऐसी हो गई कि कई स्थानों पर डामर उखड़कर गिट्टियां बाहर आ गईं।
धूल के गुबार से दुकानदार भी परेशान
सड़क पर वाहनों की आवाजाही के साथ धूल के गुबार उठ रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि दिनभर उड़ने वाली धूल दुकानों में रखे सामान पर जम रही है। राहगीरों और आसपास रहने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नागरिकों का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बावजूद स्थायी समाधान नहीं हुआ, जिसके बाद उन्हें सड़क पर उतरकर विरोध करना पड़ा।
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30 करोड़ की सड़क ने खड़े किए बड़े सवाल
मंडी से श्यामपुर तक करीब 30 करोड़ रुपये की लागत से एफडीआर पद्धति से सड़क निर्माण कराया गया था। सड़क निर्माण के समय इसे मजबूत और लंबे समय तक चलने वाला बताया गया था। अब सड़क के कई हिस्सों में खराबी आने के बाद नागरिकों ने निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि अगर सड़क निर्धारित गारंटी अवधि में ही क्षतिग्रस्त हो रही है तो इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए।
गारंटी पीरियड में सड़क खराब तो जवाबदेही किसकी?
नागरिकों का सबसे बड़ा सवाल यही है कि भारी-भरकम राशि खर्च होने के बावजूद सड़क कुछ ही समय में बदहाल क्यों हो गई। प्रदर्शनकारियों ने मांग उठाई कि सड़क की गुणवत्ता की जांच कराई जाए और यदि निर्माण में खामी सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाए। लोगों का कहना है कि केवल गड्ढों में चूरी डालकर समस्या को दबाना स्थायी समाधान नहीं है।
चक्का जाम की खबर मिलते ही पहुंचे विधायक
नागरिकों के चक्का जाम और नारेबाजी की सूचना मिलते ही विधायक सुदेश राय तत्काल मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे नागरिकों से बातचीत की और सड़क की वास्तविक स्थिति देखी। लोगों ने विधायक के सामने अपनी समस्याएं रखीं और सड़क के स्थायी सुधार की मांग की। विधायक ने तत्काल अधिकारियों से संपर्क कर मौके पर कार्रवाई शुरू कराने के निर्देश दिए।
ऑन द स्पॉट एक्शन, बुलवाया चूरी का डंपर
विधायक सुदेश राय ने मौके पर ही चूरी से भरे डंपर को बुलवाया। इसके बाद सड़क के गहरे गड्ढों में चूरी डलवाकर उन्हें समतल करने का काम शुरू कराया गया। विधायक ने पीडब्ल्यूडी और नगर पालिका से जुड़े अधिकारियों को भी मौके पर बुलाकर नागरिकों की समस्या का निराकरण करने के निर्देश दिए। तत्काल कार्रवाई शुरू होने के बाद सड़क पर चल रहा विरोध धीरे-धीरे समाप्त हुआ।
नपाध्यक्ष ने भी संभाला मोर्चा
नगर पालिका अध्यक्ष प्रिंस राठौर भी मौके पर पहुंचे और धरना दे रहे नागरिकों से बातचीत की। उन्होंने लोगों की समस्या को गंभीरता से सुना और तत्काल सुधार कार्य शुरू कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि जनता को अपनी मूलभूत सुविधा के लिए परेशान नहीं होना चाहिए। सड़क किसी दूसरे विभाग के अधीन हो, लेकिन नागरिक समस्या लेकर आते हैं तो उसका समाधान कराना जनप्रतिनिधियों का दायित्व है।
आश्वासन के बाद शुरू हुआ पैच रिपेयर
धरना समाप्त होने के बाद कार्रवाई सिर्फ आश्वासन तक सीमित नहीं रही। करीब एक घंटे के भीतर डामर की गाड़ी मौके पर पहुंची और सड़क पर पैच रिपेयर का काम शुरू कराया गया। इससे नागरिकों को तत्काल राहत मिली। हालांकि स्थानीय लोगों ने स्पष्ट किया कि उन्हें केवल अस्थायी मरम्मत नहीं, बल्कि सड़क का स्थायी और गुणवत्तापूर्ण समाधान चाहिए।
दो से ढाई साल पहले बनी सड़क अब बदहाल
जानकारी के अनुसार संबंधित सड़क का निर्माण लोक निर्माण विभाग द्वारा करीब दो से ढाई वर्ष पूर्व कराया गया था। इतने कम समय में सड़क के कई हिस्सों में गड्ढे और टूट-फूट सामने आने से निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। नागरिकों की मांग है कि सड़क निर्माण की तकनीकी जांच कराकर वास्तविक स्थिति सामने लाई जाए।
बारिश को कारण बताया, फोरलेन का दावा
विधायक सुदेश राय ने कहा कि बारिश के बाद सड़क पूरी तरह खराब हो गई थी। फिलहाल सड़क की मरम्मत करा दी गई है और जल्द ही इस मार्ग को फोरलेन बनाने की दिशा में काम किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को नागरिकों की समस्या का निराकरण करने के निर्देश भी दिए।
दो महीने में तीसरा चक्का जाम, बढ़ता जनाक्रोश
गौरतलब है कि सीहोर शहर में बीते दो माह में सड़क की मांग को लेकर यह तीसरा चक्का जाम बताया जा रहा है। इससे पहले कोलीपुरा चौराहे और हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र में भी नागरिक सड़क निर्माण और सुधार की मांग को लेकर सड़क पर उतर चुके हैं। लगातार सामने आ रहे विरोध प्रदर्शनों ने शहर की सड़कों की हालत और जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि मंडी में डाला गया पैचवर्क कितने दिन टिकता है और 30 करोड़ रुपये की सड़क की गुणवत्ता पर उठे सवालों का स्थायी जवाब कब मिलता है।























