सीहोर शिक्षा विभाग में बड़ा फेरबदल, 25 BAC और 88 जनशिक्षकों की नई पदस्थापना

सीहोर। शिक्षा विभाग में वर्षों से जमी व्यवस्थाओं को हिलाने का सिलसिला अब जिला कार्यालयों से निकलकर मैदानी अकादमिक व्यवस्था तक पहुंच गया है। तीन दिन पहले संयुक्त संचालक लोक शिक्षण भोपाल संभाग द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी और ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालयों में वर्षों से बाबू के रूप में जमे शिक्षकों को इधर से उधर पदस्थ करने की कार्रवाई के बाद अब बीएसी और जनशिक्षकों की पदस्थापना व्यवस्था में भी बड़ा फेरबदल सामने आया है।
समग्र शिक्षा अभियान के तहत जिले के 25 बीएसी और 88 जनशिक्षकों की नई पदस्थापना की प्रकिया आज से शुरू कर दी गई है। सबसे अहम बात यह है कि चार वर्ष से अधिक समय से प्रतिनियुक्ति पर जमे लोकसेवकों के पदों को रिक्त मानकर वरिष्ठता और पात्रता के आधार पर नई काउंसलिंग की जाएगी। यहां सबसे बड़ी बात यह थी कि कई जन शिक्षक और बीएससी तो 10 से 14 सालों से जमे हुए थे।
चार दिन पहले दफ्तरों में चली तबादले की गाज
शिक्षा विभाग में यह कार्रवाई अचानक सामने नहीं आई है। चार दिन पहले संयुक्त संचालक लोक शिक्षण भोपाल संभाग धर्मेंद्र शर्मा के आदेश से जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय और विभिन्न विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालयों में लंबे समय से कार्यरत शिक्षकों-कर्मचारियों की पदस्थापना बदली गई। कई शिक्षक, जो लंबे समय से स्कूलों के बजाय कार्यालयों में बाबू की भूमिका निभा रहे थे, उन्हें वापस स्कूलों और अन्य संस्थाओं में भेजा गया। इस कार्रवाई के बाद अब अकादमिक समन्वयक और जनशिक्षक व्यवस्था को लेकर भी विभाग ने प्रक्रिया आगे बढ़ाई है।
अब BAC-जनशिक्षकों की व्यवस्था पर प्रशासन का फोकस
समग्र शिक्षा अभियान के तहत जारी प्रक्रिया में जिले के 25 बीएसी और 88 जनशिक्षक पदों की नई पदस्थापना प्रस्तावित है। प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि चार वर्ष से अधिक समय से प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत लोकसेवकों के पदों को रिक्त माना जाएगा। इसके साथ ही दो वर्ष की प्रतिनियुक्ति पूर्ण होने के बाद लोक शिक्षण संचालनालय के निर्देशों के अनुसार जिनकी प्रतिनियुक्ति विलोपित की जा चुकी है, उन पदों को भी रिक्त मानकर पूर्ति की जाएगी।
5 अगस्त की निरस्त काउंसलिंग के बाद फिर शुरू हुई प्रक्रिया
इस मामले में विभाग पहले भी काउंसलिंग की तैयारी कर चुका था। 5 अगस्त 2026 को प्रस्तावित काउंसलिंग को अपरिहार्य कारणों के चलते निरस्त कर दिया गया था। इसके बाद राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल से मार्गदर्शन मांगा गया। कर्मचारी संगठनों की ओर से दिए गए ज्ञापनों और प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों के बाद अब जिला स्तर पर दोबारा प्रक्रिया शुरू की गई है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं जिला परियोजना संचालक, जिला शिक्षा केंद्र सीहोर की ओर से निर्धारित समय-सीमा में प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
आज ओर कल दो दिन जमा होंगे सहमति पत्र
नई व्यवस्था में पात्र शिक्षकों से 25 और 26 सितंबर को सहमति पत्र लिए जाएंगे। संबंधित शिक्षक निर्धारित प्रारूप में अपना सहमति पत्र संबंधित जनपद शिक्षा केंद्र यानी बीआरसीसी कार्यालय में जमा करेंगे। इसके बाद बीआरसीसी स्तर से बीएसी और जनशिक्षक पदों के लिए प्राप्त सहमति पत्रों का संकलन किया जाएगा। विषयवार जानकारी और वरिष्ठता सूची तैयार कर जिला शिक्षा केंद्र को भेजी जाएगी।
वरिष्ठता और पात्रता बनेगी नई पदस्थापना का आधार
इस बार पदस्थापना में वरिष्ठता सूची और निर्धारित पात्रता को प्रमुख आधार बनाया गया है। उच्च श्रेणी शिक्षक, माध्यमिक शिक्षक तथा उच्च पद प्रभार प्राप्त माध्यमिक शिक्षक प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे। यानी नई पदस्थापना के लिए केवल सहमति देना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि संबंधित शिक्षक को निर्धारित पात्रता और वरिष्ठता की शर्तों को पूरा करना होगा। काउंसलिंग में शामिल होने वाले शिक्षक की आयु 1 जनवरी 2026 की स्थिति में 52 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसके साथ ही संबंधित शिक्षक की वर्तमान पदस्थापना सीहोर जिले में होना अनिवार्य है। विभागीय जांच, आपराधिक प्रकरण, लंबे समय से अनुपस्थिति और अन्य निर्धारित शर्तों वाले मामलों में भी नियमों के अनुसार पात्रता तय की जाएगी।
पुराने जनशिक्षा केंद्र खत्म, AEO सेंटर पर नई व्यवस्था
नई पदस्थापना में पुराने जनशिक्षा केंद्रों की व्यवस्था को भी बदल दिया गया है। जिले में पूर्व निर्धारित जनशिक्षा केंद्रों को विलोपित कर पोर्टल 3.0 पर मैप किए गए एईओ सेंटरों को नए जनशिक्षा केंद्र के रूप में मान्य किया गया है। इसी व्यवस्था के आधार पर जनशिक्षकों की पदस्थापना की जाएगी। पोर्टल पर मैप किए गए एईओ सेंटरों में एक केंद्र पर दो जनशिक्षकों के मान से कुल 88 जनशिक्षक पद प्रस्तावित हैं। सहमति पत्र जमा होने, वरिष्ठता सूची तैयार होने और पात्रता परीक्षण के बाद जिला स्तर पर गठित नियुक्ति समिति की बैठक होगी। समिति की प्रक्रिया के बाद अंतिम काउंसलिंग और पदस्थापना की तिथि तय की जाएगी।

















