सीवन से कुबेरेश्वरधाम तक आस्था का सैलाब, वेलकम ग्रुप ने बारिश में भी कांवड़ियों की सेवा की
सीहोर। सावन मास में सीहोर की धरती इन दिनों शिवभक्ति से सराबोर है। सीवन नदी के पवित्र तट से प्रसिद्ध कुबेरेश्वरधाम तक हजारों कांवड़ियों के कदम बढ़ रहे हैं। बारिश की फुहारों के बीच सिर पर कांवड़ और जुबां पर भोलेनाथ का नाम लिए श्रद्धालुओं का कारवां जब शहर से गुजरता है तो पूरा मार्ग हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से गूंज उठता है। इसी आस्था के बीच शहरवासी भी कांवड़ियों की सेवा में पूरी श्रद्धा के साथ जुटे हुए हैं।
इंदौर नाका पर सपरिवार हुआ कांवड़ियों का स्वागत
रविवार को इंदौर नाका के समीप वेलकम ग्रुप के सदस्यों ने बरसते पानी के बीच सपरिवार कांवड़ियों की अगवानी की। दूर-दराज से पैदल यात्रा करते हुए सीहोर पहुंचे श्रद्धालुओं को गर्मागर्म खिचड़ी, चाय और फलाहार की प्रसादी कराई गई। बारिश तेज होने के बावजूद सेवा में जुटे सदस्यों के चेहरे पर उत्साह और श्रद्धालुओं के स्वागत में अपनापन साफ नजर आया। सुबह 5 से शुरू हुआ खिचड़ी-फलाहार वितरण शाम तक चलता रहा। कांवड़ियों ने भी सेवा कार्य के लिए वेलकम ग्रुप के सदस्यों का आभार व्यक्त किया।
सेवा को सौभाग्य मानकर जुटे सदस्य
वेलकम ग्रुप के सदस्य संतोष त्यागी, सुनील शर्मा, राधेश्याम राय बंटू, हेमंत पाटील, योगेश ओझा, मनोहर मेवाड़ा, जितेंद्र त्यागी और विकास राठौर सहित अन्य सदस्य सेवा कार्य में जुटे रहे। सदस्यों का कहना है कि सावन के पवित्र महीने में देश के अलग-अलग हिस्सों से सीहोर पहुंचने वाले शिवभक्तों की सेवा करना उनके लिए केवल सामाजिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि भगवान शिव की सेवा के समान है। श्रद्धालुओं को भोजन और फलाहार उपलब्ध कराकर उन्हें यात्रा के दौरान राहत पहुंचाना ही इस सेवा का उद्देश्य है।
सीवन से धाम तक जगह-जगह सेवा पंडाल
कांवड़ियों और शिवभक्तों की सुविधा के लिए सीवन नदी तट से कुबेरेश्वरधाम तक जगह-जगह सेवा पंडाल लगाए गए हैं। इन पंडालों में श्रद्धालुओं के लिए चाय, नाश्ता, फलाहार और प्रसादी की व्यवस्था की जा रही है। बारिश के मौसम में लंबी पैदल यात्रा कर रहे कांवड़ियों को इन सेवा केंद्रों से विशेष राहत मिल रही है। मार्ग में स्वयंसेवक श्रद्धालुओं की जरूरत के अनुसार उनकी मदद करते नजर आ रहे हैं।
अब तक पहुंच चुके 10 लाख से अधिक श्रद्धालु
सावन मास में सीवन नदी के पवित्र तट से लेकर प्रसिद्ध कुबेरेश्वरधाम तक इन दिनों आस्था का महासागर दिखाई दे रहा है। रविवार को ही डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने उत्साह और भक्तिभाव के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक किया। बताया गया कि सावन मास में अब तक करीब 10 लाख से अधिक श्रद्धालु कुबेरेश्वरधाम पहुंचकर भगवान महादेव का आशीर्वाद प्राप्त कर चुके हैं।
50 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान
विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित के अनुसार श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि इस वर्ष सावन और भादो मास के दौरान 50 लाख से अधिक श्रद्धालु कुबेरेश्वरधाम पहुंच सकते हैं। देश के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले कांवड़िए सीवन नदी से पवित्र जल लेकर पैदल कुबेरेश्वरधाम की ओर रवाना हो रहे हैं। इससे पूरा मार्ग भक्ति, सेवा और समर्पण के अद्भुत संगम में बदल गया है।
कांवड़ियों के कदमों से शिवमय हुआ सीहोर
बारिश की बूंदों के बीच कांवड़ियों की लंबी कतारें, हाथों में लहराती भगवा पताकाएं और गूंजते हर-हर महादेव के जयकारे सीहोर की धार्मिक पहचान को और जीवंत कर रहे हैं। एक ओर श्रद्धालु कठिन पैदल यात्रा कर भगवान शिव को जल अर्पित करने के लिए आगे बढ़ रहे हैं, तो दूसरी ओर शहरवासी सेवा के माध्यम से उनकी राह आसान बनाने में जुटे हैं। वेलकम ग्रुप की यह पहल इसी सेवा और आस्था की भावना को मजबूत करती नजर आ रही है।














