Manisha Dhanwani
9 Jan 2026
दुनियाभर में ‘स्लीपिंग प्रिंस’ के नाम से मशहूर सऊदी प्रिंस अल वलीद बिन खालिद बिन तलाल अल सऊद का शनिवार को 35 साल की उम्र में निधन हो गया। वे पिछले 20 साल से कोमा में थे। हादसे के बाद से वे कभी पूरी तरह होश में नहीं आ सके।
प्रिंस अल वलीद का जन्म 1990 में हुआ था। वे सऊदी अरब के प्रिंस खालिद बिन तलाल के बेटे और अरबपति प्रिंस अल वलीद बिन तलाल के भतीजे थे।

साल 2005 में, जब वे केवल 15 साल के थे, लंदन में मिलिट्री कैडेट की पढ़ाई के दौरान उनकी कार का गंभीर एक्सीडेंट हुआ। हादसे में उनके सिर में गंभीर चोटें आईं और ब्रेन हेमरेज की वजह से वे कोमा में चले गए।
हादसे के बाद उन्हें अमेरिका और स्पेन के कई विशेषज्ञ डॉक्टरों से इलाज मिला, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। कई बार उम्मीद जगी कि वे होश में आएंगे, लेकिन फिर सब कुछ वैसा ही हो गया।
प्रिंस अल वलीद के पिता खालिद बिन तलाल ने कभी भी बेटे की जिंदगी की उम्मीद नहीं छोड़ी। जब डॉक्टरों ने वेंटिलेटर हटाने की सलाह दी, तो उन्होंने उसे साफ मना कर दिया। उनका विश्वास था कि अल्लाह एक दिन उनके बेटे को ठीक करेगा। वे हर साल बेटे का जन्मदिन मनाते रहे और उनके लिए दुआ करते रहे।

20 साल तक प्रिंस का कमरा एक खास जगह बन गया था, जहां पर लोग दुआ करने आते थे। सोशल मीडिया पर भी उनके लिए हजारों लोग दुआ करते थे। अप्रैल में उनके आखिरी जन्मदिन पर उनके रिश्तेदार ने बचपन की फोटो शेयर करते हुए लिखा था- 20 साल से तुम हमारे दिलों में जिंदा हो, हम रोज़ तुम्हारे लिए दुआ करते हैं।
प्रिंस खालिद बिन तलाल ने कुरान की एक आयत का ज़िक्र करते हुए बेटे की मौत की पुष्टि की। उन्होंने लिखा- अल्लाह की इच्छा और आदेश पर भरोसे के साथ, हम गहरे दुख में अपने प्यारे बेटे के निधन पर शोक व्यक्त करते हैं। अल्लाह उस पर रहम करे।
प्रिंस अल वलीद का अंतिम संस्कार रविवार को किया जाएगा। उनकी याद में अगले दो दिन तक शोक सभाएं रखी जाएंगी।
प्रिंस अल वलीद की जिंदगी भले ही कोमा में बीती, लेकिन उनके पिता की ममता, धैर्य और विश्वास की यह कहानी दुनियाभर के लोगों के लिए एक मिसाल बन गई है।