
भोपाल। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा संसद में दिए गए हिंसक हिंदू संबंधी बयान को काउंटर करने की तैयारी कर ली है। संघ ने देश भर में फैले अपने सभी आनुषांगिक संगठनों के प्रचार प्रमुखों को यह टास्क सौंपा है। दिल्ली में वरिष्ठ पदाधिकारियों की बैठक में यह निर्णय किया गया कि कांग्रेस पब्लिक के बीच जो नरेटिव सेट कर रही है उसका पूरी ताकत से विरोध किया जाए। इधर ज्योर्तिमठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इस मुद्दे पर राहुल गांधी की बात का समर्थन कर दिया। उनका कहना है कि मैंने उनका पूरा भाषण सुना, वे साफ कह रहे हैं कि हिंदू धर्म में हिंसा का स्थान नहीं है।
लोगों से संवाद संपर्क करेंगे
आरएसएस पूर्व में ही हिंदुत्व को हिंसा से जोड़ने के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बता चुका है। अब आनुषांगिक संगठनों को समाज के निचले स्तर पर जाकर काउंटर करने की रणनीति बनाई गई है। देश भर में तैनात विभिन्न संगठनों के प्रचार प्रमुखों को संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों की मौजूदगी में इस मुद्दे पर आक्रामक ढंग से जन-जागरण के लिए कहा गया है। ये लोग संवाद-संपर्क से लोगों के समक्ष अपनी बात रखते हुए राहुल गांधी के खिलाफ माहौल बनाएंगे।
शंकराचार्य ने कहा -हिंदू धर्म के विरुद्ध बात नहीं की
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि संसद में राहुल गांधी ने अपने भाषण में हिंदू धर्म के विरुद्ध कोई बात नहीं की। हमने उनका पूरा भाषण सुना है, राहुल साफ कह रहे हैं कि ”हिंदू धर्म में हिंसा का स्थान नहीं है। ” उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि राहुल गांधी के बयान को आधा-अधूरा फैलाना अपराध है ऐसा करने वालों को दंडित किया जाना चाहिए।
दिल्ली में मंगलवार को सर्व हिंदू समाज ने किया प्रदर्शन
इस मुद्दे पर एक दिन पहले दिल्ली में सर्व हिंदू समाज द्वारा उक्त टिप्पणी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी किया गया। जाहिर है इसमें आरएसएस के साथ ही उसके प्रमुख आनुषांगिक संगठनों में विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी), बजरंग दल, वनवासी कल्याण आश्रम, दुर्गा वाहिनी व हिंदू जागरण मंच के स्वयंसेवक और साधु-संत भी मौजूद थे। कांस्टीट्यूशन क्लब में आयोजित हिंदू शक्ति संगम में कहा गया कि धैर्य की परीक्षा न लें और हिंदू की सहिष्णुता-भाईचारे को उसकी कमजोरी न समझें।