Naresh Bhagoria
29 Jan 2026
Hemant Nagle
29 Jan 2026
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29 Jan 2026
Naresh Bhagoria
29 Jan 2026
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29 Jan 2026
भोपाल। मध्यप्रदेश में लोकसभा चुनाव की रणनीति पर चिंतन करने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और भाजपा के दिग्गज पदाधिकारियों ने 11 जनवरी को चिंतन बैठक बुलाई है। बैठक में बड़े फैसलों की जमीन तैयार होगी। खासतौर पर प्रदेश की 29 लोकसभा सीटों में से एक दर्जन से अधिक सीटों पर इस बार नए चेहरे उतारने को लेकर मंथन भी किया जाएगा। सीहोर के पास एक रिसोर्ट में बुलाई गई इस महत्वपूर्ण बैठक में दिन भर अलग-अलग सत्रों में सत्तासं गठन के कई मसलों पर विचार विमर्श होगा। चिंतन बैठक के लिए सवा साल में एक बार फिर संघ के सह सरकार्यवाह अरुण कुमार और भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष भोपाल आ रहे हैं।
बैठक में राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा के अलावा अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी भी मौजूद रहेंगे। कोर ग्रुप के सदस्यों को भी बुलाया जा रहा है। इसमें मप्र विधानसभा चुनाव की तर्ज पर लोकसभा चुनाव 2024 की तैयारियों पर चर्चा का रणनीति बनाई जाएगी।
बैठक में विधानसभा चुनाव के दौरान और उसके बाद भाजपा और संघ को जो मैदानी फीडबैक मिला है उसके हिसाब से मिशन 2024 की रूपरेखा बनेगी। बैठक में सत्ता और संगठन के पदाधिकारियों को पार्टी हाईकमान के नए कार्यक्रम सौंपे जाएंगे। सूत्रों के मुताबिक लोकसभा चुनाव के लिए फरवरी अंत तक आचार संहिता लग सकती है। इसलिए तैयारियां करने के लिए कहा गया है।
विस चुनाव के नतीजों के विश्लेषण में आधा दर्जन से अधिक सीटों पर जो तस्वीर सामने आई है उससे संबंधित संसदीय क्षेत्र को लेकर भाजपा की चिंता बढ़ी है। छिंदवाड़ा के अलावा खरगोन, मुरैना, भिंड, ग्वालियर और धार संसदीय क्षेत्र में भाजपा का प्रदर्शन कांग्रेस की तुलना कमजोर आंका गया है। हाईकमान ने कुछ अन्य सीटों पर भी विशेष सतर्कता की समझाइश दी है।
लोकसभा की जिन सीटों पर बदलाव होना है सत्ता-संगठन के नेताओं से संबंधित क्षेत्रों के जिताऊ प्रत्याशियों का फीडबैक भी मांगा गया है। भाजपा हाईकमान ने 7 सांसदों को विधानसभा चुनाव मैदान में उतारा था। इनमें से 5 सांसद चुनाव जीत चुके हैं। मंडला और सतना सांसद विधानसभा चुनाव में पराजित हो गए। इसलिए ऐसा माना जा रहा है कि इस बार इन सातों सीटों पर नए चेहरे सामने आएंगे। इनके अलावा करीब आधा दर्जन संसदीय क्षेत्र भी हैं जहां बदलाव संभावित माना जा रहा है। इनमें भोपाल, सागर, मंदसौर, रीवा और राजगढ़ संसदीय क्षेत्र भी हो सकते हैं।
संघ के सह सरकार्यवाह अरुण कुमार आरएसएस और भाजपा संगठन के बीच समन्वयक की महत्वपूर्ण भूमिका में हैं। उनके साथ संगठन महामंत्री संतोष भी बैठक में रहेंगे। भाजपा हाईकमान ने विधानसभा चुनाव के करीब सवा साल पहले अक्टूबर 2022 में राजधानी के समीप रातापानी में ऐसी ही चिंतन बैठक बुलाई थी। अब फिर से सीहोर में हो रही इस बैठक में मुख्य रूप से लोकसभा चुनाव पर चिंतन किया जाएगा।