संतोष चौधरी, भोपाल। राजधानी भोपाल से करीब 40 किमी दूर स्थित भीमबेटका में रॉक शेल्टर म्यूजियम बनाने की तैयारी है। 19 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले म्यूजियम में यूनेस्को की विश्व धरोहर भीमबेटका रॉक शेल्टर आने वाले समय में पर्यटकों को एक नया और अनोखा अनुभव देने जा रहा है। यहां बनने वाले रॉक आर्ट इको म्यूजियम के जरिए अब घने जंगलों में स्थित उन गुफाओं को भी देखा जा सकेगा, जहां पहुंचना अभी संभव नहीं है।
यहां देशभर में विभिन्न स्थानों के रॉक शेल्टर की जानकारी पर्यटकों के लिए उपलब्ध रहेगी। फिलहाल इस योजना के लिए कंसलटेंट नियुक्त कर डीपीआर तैयार हो गई है। जल्द ही टेंडर जारी होने वाले हैं। एमपी टूरिज्म बोर्ड के अनुसार, म्यूजियम में पर्यटक वर्चुअल माध्यम से इन रॉक शेल्टर्स का भ्रमण कर सकेंगे और वहां बनी प्राचीन चित्रकलाओं को करीब से देख पाएंगे। एआई की मदद से उन्हें ऐसा अनुभव मिलेगा, मानो वे वास्तव में गुफाओं में घूम रहे हों। इन रॉक शेल्टर्स का अनुभव इसी म्यूजियम में मिलेगा। घर पर देखने का सुविधा इसमें नहीं रहेगी।

यह स्थल भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा संरक्षित है। यह क्षेत्र 1,892 हेक्टेयर में फैला है, जिसमें विंध्य पर्वतमाला की पांच पहाड़ियां (क्लस्टर) —विनायका, भोनरावली, भीमबेटका, लाखाजुआर ईस्ट और लाखाजुआर वेस्ट शामिल हैं। यहां कुल 650 रॉक शेल्टर्स हैं, लेकिन आम पर्यटकों के लिए केवल करीब 20 चित्रित गुफाएं ही खुली रहती हैं। बाकी गुफाएं रातापानी टाइगर रिजर्व के घने में जंगलों में होने के कारण प्रतिबंधित हैं।
म्यूजियम की डीपीआर तैयार है, जल्द ही टेंडर जारी होंगे। फिलहाल एक क्लस्टर के रॉक शेल्टर्स देखने की सुविधा है। 4 अन्य क्लस्टर दुर्गम क्षेत्रों में है। म्यूजियम में अन्य रॉक शेल्टर्स के बारे में जानकारी मिलेगी।
प्रशांत बघेल, डायरेक्टर (प्लानिंग), एमपी टूरिज्म