हवाई हमलों से दहला ईरान का खार्ग आईलैंड :अर्थव्यवस्था पर सीधा वार, 90% तेल निर्यात पर संकट

खार्ग आईलैंड पर जोरदार हमले की खबर सामने आई है। यह द्वीप ईरान की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक हमले के दौरान पूरे द्वीप में तेज धमाकों की आवाजें सुनी गईं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह हमला इतना बड़ा था कि इसके बाद दुनिया के ऊर्जा बाजार और कूटनीतिक हलकों में हलचल मच गई है।
ट्रंप की चेतावनी से पहले हुआ हमला
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सीजफायर के लिए 8 अप्रैल सुबह 5 बजे तक की डेडलाइन दी थी। लेकिन इस समय सीमा के खत्म होने से पहले ही ईरान के सबसे अहम तेल डिपो खार्क द्वीप पर हमला हो गया। माना जा रहा है कि यह हमला ईरान की अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका देने के लिए किया गया है।
दुनिया में बढ़ सकती हैं तेल की कीमतें
खार्क द्वीप पर हमले के बाद वैश्विक तेल बाजार में चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात और बिगड़े तो आने वाले दिनों में दुनिया भर में तेल की कीमतें और बढ़ सकती हैं।
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ईरान के लिए कितना महत्वपूर्ण है खार्क द्वीप
- खार्क द्वीप ईरान के लिए बेहद रणनीतिक महत्व रखता है।
- यहां 30 मिलियन बैरल से ज्यादा तेल स्टोर करने की क्षमता है।
- ईरान के प्रमुख तेल क्षेत्रों से पाइपलाइनें सीधे इसी द्वीप तक आती हैं।
- ईरान का करीब 90% कच्चा तेल यहीं से निर्यात होता है।
- इसी वजह से इसे ईरान की तेल अर्थव्यवस्था की रीढ़ कहा जाता है।
होर्मुज जलडमरूमध्य के पास है यह द्वीप
यह द्वीप Strait of Hormuz के करीब स्थित है, जो दुनिया के सबसे अहम तेल व्यापार मार्गों में से एक है। इसकी सुरक्षा के लिए ईरान ने यहां भारी सैन्य तैनाती कर रखी है। इसलिए इस जगह पर हमला होना ईरान के लिए बड़ा रणनीतिक झटका माना जा रहा है।
खार्क द्वीप केवल तेल के लिए ही नहीं, बल्कि ऐतिहासिक और प्राकृतिक महत्व के लिए भी जाना जाता है। यहां 7वीं शताब्दी के ईसाई मठ के अवशेष मिले हैं। साथ ही प्राचीन अचमेनिड साम्राज्य के शिलालेख भी यहां पाए गए हैं। अपनी खूबसूरती और दुर्लभता के कारण इसे “फारस की खाड़ी का अनाथ मोती” भी कहा जाता है।











