
अयोध्या बायपास पर आसाराम तिराहा, करोंद चौराहा और भानपुर के आसपास 19 दिसंबर से लगातार पेड़ों की कटाई हो रही है। यह काम नगर निगम की उद्यान शाखा की टीमों NHAI कर्मचारियों के साथ मिलकर कर रही हैं। काटे गए पेड़ों की लकड़ियां ट्रकों में भरकर निगम के स्टोर तक पहुंचाई जा रही हैं।
पेड़ कटते ही आसपास के इलाकों से लोग लकड़ी लेने ऑटो, ठेला और हाथगाड़ियों से पहुंच रहे हैं। कई लोग खुद ही लकड़ियां ढोते नजर आ रहे हैं। अयोध्या बायपास पर कटाई स्थलों के आसपास दिनभर लोगों की आवाजाही बनी हुई है।
पेड़ों की कटाई के दौरान सुरक्षा कारणों से बेरिकैडिंग कर सड़क रोकी जा रही है, जिससे अयोध्या बायपास पर बार-बार जाम की स्थिति बन रही है। खासकर सुबह और शाम के समय वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

एनवायरमेंट एक्टिविस्टों का कहना है कि यह हरियाली का कत्लेआम है, जिसका असर आने वाली पीढ़ियों को भुगतना पड़ेगा। इसी के चलते 25 दिसंबर को बड़ा जन आंदोलन करने की तैयारी की जा रही है, ताकि पेड़ों को बचाने की आखिरी कोशिश की जा सके।
अयोध्या बायपास चौड़ीकरण प्रोजेक्ट के तहत भोपाल में हो रही बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई को लेकर मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता अभिनव बरोलिया ने मौके पर पहुंचकर कड़ा विरोध दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ पेड़ों की कटाई नहीं, बल्कि आम नागरिकों की सांसों पर सीधा हमला है। बरोलिया ने कहा कि मामला नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) में लंबित होने के बावजूद एनएचएआई को 7,881 पेड़ काटने की अनुमति दिया जाना गंभीर चिंता का विषय है। यह फैसला सरकार और प्रशासन के पर्यावरण संरक्षण के दावों की पोल खोलता है। उन्होंने कहा कि पेड़ विकास में बाधा नहीं, बल्कि जीवन की आधारशिला हैं। अयोध्या बायपास पर जिस तरह अंधाधुंध और अवैज्ञानिक तरीके से पेड़ों की कटाई की जा रही है, वह भविष्य की पीढ़ियों से उनका अधिकार छीनने जैसा है। यहां पेड़ नहीं, बल्कि लोगों की सांसें छीनी जा रही हैं। उन्होंने मांग की कि अयोध्या बायपास पर चल रही पेड़ कटाई को तत्काल रोका जाए, एनजीटी के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाए और पर्यावरण के साथ हो रहे इस अन्याय पर जवाबदेही तय की जाए। बरोलिया ने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे पर आम जनता के साथ खड़ी है और हरियाली की इस हत्या के खिलाफ संघर्ष जारी रखेगी।
नगर निगम की उद्यान शाखा की टीमें अयोध्या बायपास पर तीन पाइंट बनाकर पेड़ों की कटाई कर रही है। आसाराम तिराहा, करोंद और भानपुर एरिया में तीन टीमें लगातार पेड़ों पर आरी चला रही हैं। हर दिन लगभग 500 से 600 पेड़ काटे जा रहे हैं। इस हिसाब से बीते 4 दिनों में 2 हजार से ज्यादा पेड़ों को काटा जा चुका है।

अयोध्या बायपास के चौड़ीकरण प्रोजेक्ट में ज्यादा से ज्यादा पेड़ों को बचाने के लिए प्लान में बदलाव का दावा नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने किया है। NHAI का कहना है कि 10 लेन सड़क निर्माण के दौरान 2,075 पेड़ बचाए जाएंगे, जबकि कटने वाले पेड़ों के बदले 81000 ट्री प्लांटेशन किया जाएगा। एनजीटी के निर्देश पर बनी हाई पॉवर कमेटी की सिफारिश के बाद एनएचएआई ने हरियाली वाले हिस्सों में सेंट्रल वर्ज की चौड़ाई 5 मीटर से घटाकर 1.5 मीटर कर दी है। इससे बड़ी संख्या में पेड़ कटने से बचेंगे।
अयोध्या बायपास पर प्रतिदिन करीब 45 हजार वाहन गुजरते हैं, जबकि इसकी क्षमता 40 हजार की है। बायपास को 10 लेन (6 लेन मुख्य सड़क और दोनों ओर 2-2 लेन सर्विस रोड) बनाने से ट्रैफिक दबाव, हादसे और जाम कम होंगे।
836.91 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले इस प्रोजेक्ट में करोंद, पीपुल्स मॉल और मीनाल के पास तीन बड़े फ्लाईओवर भी बनेंगे। एनएचएआई का दावा है कि चौड़ी और सुगम सड़क से यात्रा समय, ईंधन की खपत और प्रदूषण में कमी आएगी।