नवरात्रि के दिनों में मंदिरों में खास पूजा-अर्चना और सजावट की जाती है। भक्त देवी के श्रृंगार के साथ-साथ मंदिर के शिखर पर नई ध्वजा चढ़ाते हैं। यह परंपरा आस्था और विजय से जुड़ी मानी जाती है।
माना जाता है कि मंदिर की ध्वजा देवताओं को प्रिय होती है। इसे चढ़ाने से भक्त की मनोकामनाएँ पूरी होती हैं और परिवार में सुख-समृद्धि आती है।
ध्वजा को विजय और आस्था का प्रतीक माना जाता है। नवरात्रि में इसे चढ़ाना न सिर्फ शुभ होता है, बल्कि यह मंदिर के वातावरण को पवित्र और ऊर्जावान भी बनाए रखता है।
नवरात्रि में श्रद्धालु पूरे मन से ध्वजा चढ़ाते हैं। उनके लिए यह केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि भक्ति और विश्वास का प्रतीक है।