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650 शराब दुकानें अब भी बिना खरीदार :12वें राउंड में ई-टेंडर से होगी नीलामी, 11वें राउंड में 21 दुकानें आरपी से कम में बिकीं

अधिकारियों का कहना है कि इस वर्ष सरकार ने एक्साइज ड्यूटी नहीं बढ़ाई है। एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने पर राजस्व बिना किसी प्रयास के बढ़ जाता है। अत: एक्साइज ड्यूटी नहीं बढ़ने के बावजूद राजस्व की वृद्धि एक बड़ी उपलब्धि है।
12वें राउंड में ई-टेंडर से होगी नीलामी, 11वें राउंड में 21 दुकानें आरपी से कम में बिकीं
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    पीपुल्स ब्यूरो, भोपाल। मध्यप्रदेश में नई आबकारी नीति के तहत 1 अप्रैल से शराब के नए ठेके भले ही शुरू हो गए हों, लेकिन अब भी 650 समूह और दुकानें नीलामी से बाहर हैं। हालांकि इनमें से कई दुकानों को होल्ड पर रखा गया है, जिन्होंने आरपी से 20 प्रतिशत से ज्यादा पर आॅफर दिए हैं। कई बची हुई दुकानों के लिए बुधवार को 11वें राउंड की नीलामी आयोजित की गई।

    आबकारी विभाग के अनुसार, 11वें राउंड में 21 शराब दुकानें 130.97 करोड़ रुपए में बिकीं, जबकि इनका कुल रिजर्व प्राइस (आरपी) 150.60 करोड़ रुपए था। यानी इस राउंड में नीलामी आरपी से कम दर पर हुई। वहीं 10वें और 11वें राउंड में आरपी से 20 प्रतिशत से अधिक कम दर पर आए आॅफर्स को फिलहाल होल्ड पर रखा गया है। इनके बारे में सरकार एक-दो दिनों  में निर्णय लेगी। जिन दुकानों की नीलामी नहीं हो सकी, वहां फिलहाल आबकारी अमले द्वारा अस्थाई रूप से शराब की बिक्री की जा रही है, ताकि राजस्व प्रभावित न हो। विभाग के सामने अब भी सालाना लक्ष्य पूरा करने की चुनौती है, जिसके लिए करीब 5,080 करोड़ रुपए का राजस्व जुटाना बाकी है।

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    प्रदेश में कुल 3,553 शराब दुकानें हैं, जिनमें से अब तक 11 राउंड 1200 समूहों और दुकानों की नीलामी पूरी हो चुकी है। बची हुई दुकानों के लिए अब 12वें राउंड की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके तहत 2 अप्रैल सुबह 11 बजे से 3 अप्रैल दोपहर 2 बजे तक ई-टेंडर भरे जाएंगे और इसके तुरंत बाद टेंडर खोले जाएंगे।
     बीओक्यू की शर्त फिर लागू, 30 
    फीसदी कम पर दे सकते हैं आॅफर

    12वें राउंड में इस बार केवल ई-टेंडर प्रक्रिया अपनाई जाएगी, यानी नीलामी (आॅक्शन) नहीं होगी। साथ ही बीओक्यू की शर्त को फिर से लागू कर दिया गया है। अब ठेकेदारों को आरपी से 30 प्रतिशत कम तक आॅफर देने की अनुमति होगी। इससे पहले के राउंड में यह सीमा हटा दी गई थी, जिसके चलते कई जगह 50 प्रतिशत तक कम आॅफर आए थे।
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    अब तक की नीलामी का आंकड़ा
    -  वर्ष 2026-27 लक्ष्य: 19,952 करोड़ रुपए
    - कुल नीलामी: 1200 समूह
    - रिजर्व प्राइस: 14,872.54 करोड़ रुपए
    - प्राप्त राजस्व: 15,409.94 करोड़ रुपए
    - आरपी से वृद्धि: 3.61 प्रतिशत
    - पिछले वर्ष से वृद्धि: 24.34 प्रतिशत
    - अभी बाकी राजस्व: 5,080 करोड़ रुपए

    Aakash Waghmare
    By Aakash Waghmare

    आकाश वाघमारे | MCU, भोपाल से स्नातक और फिर मास्टर्स | मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के तौर पर 3 वर्षों का क...

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