90 साल का हुआ RBI : PM मोदी ने कहा- आरबीआई ने विश्वसनीयता बरकरार रखी, गवर्नर शक्तिकांत बोले- बढ़ रही GDP... कम हो रही महंगाई

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक यानी RBI 90 साल का हो गया है। आरबीआई के 90 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में मुंबई में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में पीएम मोदी के साथ केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और RBI गवर्नर शक्तिकांत दास भी मौजूद रहे और इन सब ने आरबीआई की भूमिका पर विस्तार से बात की। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने इस अवसर पर सिक्का भी लॉन्च किया।
पीएम नरेंद्र मोदी ने RBI के कामकाज को सराहा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने RBI के 90 सालों के कामकाज के बारे में बात करते हुए कहा, RBI का रोल देश के बैंकिंग सिस्टम को मजबूत बनाए रखने के लिए बेहद अहम रहा है। आरबीआई ने अंतिम मुहाने पर खड़े रहकर जन-जन तक फाइनेंशियल इंक्लूजन का लाभ पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। आरबीआई अपनी एक्सपर्टीज को और डेवलप कर रहा है और 'आउट ऑफ द बॉक्स' थिंकिंग पर काम करता आ रहा है।डिजिटल टेक्नोलॉजी, डिफेंस सेक्टर पर कही ये बात
आरबीआई ने समय-समय पर अपनी विश्वसनीयता साबित की है और दुनिया के कई बड़े देशों के केंद्रीय बैंक के सामने आरबीआई ने अपने कामकाज को बेहतर साबित किया है। आरबीआई ग्लोबल लीडरशिप में भारत की साख को बखूबी बनाए हुए है। डिजिटल टेक्नोलॉजी में भारत आज एक प्राइम प्लेयर बन गया है। डिफेंस सेक्टर में हम बड़े एक्सपोर्टर की भूमिका में सामने आ रहे हैं और मैन्यूफैक्चरिंग के फील्ड में अपना देश आगे बड़ रहा है।डिजिटल ट्रांजेक्शन में भारत बना ग्लोबल लीडर : PM मोदी
पीएम मोदी ने आगे कहा कि, डिजिटल ट्रांजेक्शन में आज भारत ग्लोबल लीडर बना है और इसका बहुत बड़ा श्रेय आरबीआई को जाता है। भारत के हर फील्ड में कर्ज की बड़ी जरूरत होगी क्योंकि ये देश उपलब्धियों और संभावनाओं से भरा हुआ है और जहां कर्ज की जरूरत है- वहां देश के बैंकिंग सिस्टम का रोल बड़ा अहम होगा।लॉन्च हुआ सिक्का
आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने इस अवसर पर पीएम मोदी के द्वारा आरबीआई के 90 साल पूरे होने पर सिक्का लॉन्च कराया। इस दौरान महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी मौजूद रहे।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जताई खुशी
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने संबोधन में कहा, देश के आर्थिक विकास, बैंकिंग सिस्टम को मजबूत करने में आरबीआई की भूमिका की तारीफ की जानी चाहिए। पिछले कुछ सालों में कोविड के संकट, रूस-यूक्रेन के युद्ध और मंदी की आशंका से जूझते हुए भी आरबीआई ने भारत के बैंकिंग सिस्टम पर आंच नहीं आने दी। आरबीआई ने अपना कार्य शानदार तरीके से संभाला है।












