मुंबई। मनोरंजन जगत से एक बड़ी दुखद खबर सामने आई है। ‘रामायण’ के निर्माता रामानंद सागर के बेटे और फिल्ममेकर प्रेम सागर का 81 साल की उम्र में निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे और उम्र से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रहे थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने 31 अगस्त की सुबह 10 बजे मुंबई में अंतिम सांस ली। उनका अंतिम संस्कार आज ही जुहू के पवनहंस श्मशान घाट में किया जाएगा।
प्रेम सागर ने पुणे के फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (FTII) से पढ़ाई की थी। वे 1968 बैच के छात्र रहे। एफटीआईआई से मिली ट्रेनिंग ने उन्हें मजबूत तकनीकी आधार दिया। इसी दौरान उनकी फोटोग्राफी और सिनेमैटोग्राफी में गहरी समझ विकसित हुई।
उन्होंने ‘आंखें’ (1968) और ‘ललकार’ (1972) जैसी फिल्मों में कैमरा और इलेक्ट्रिकल डिपार्टमेंट में काम किया, जबकि ‘चरस’ (1976) में सिनेमैटोग्राफर रहे।
प्रेम सागर लंबे समय तक अपने पिता के प्रोडक्शन हाउस सागर आर्ट्स से जुड़े रहे। इस बैनर ने भारतीय टीवी इतिहास में अमिट छाप छोड़ी।
बतौर प्रोड्यूसर प्रेम सागर ने कई फिल्मों और टीवी प्रोजेक्ट्स को आकार दिया। इनमें ‘हम तेरे आशिक हैं’ (1979), ‘बसेरा’ (2009) और ‘जय जय शिव शंकर’ (2010) शामिल हैं। उनकी कृतियों में भारतीय संस्कृति और धार्मिक कथाओं की गहरी झलक दिखाई देती थी।
प्रेम सागर, रामानंद सागर फाउंडेशन में भी सक्रिय रूप से जुड़े थे। यह गैर-लाभकारी संस्था महाराष्ट्र के गांवों और कई कम्युनिटीज के लिए शिक्षा और कल्याण के क्षेत्र में काम करती है। अब इस लेगेसी को उनके बेटे शिव सागर आगे बढ़ाएंगे।
प्रेम सागर के निधन पर ‘रामायण’ के लक्ष्मण का किरदार निभाने वाले सुनील लहरी ने शोक व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा- यह दुखद समाचार साझा करते हुए अत्यंत दुख हो रहा है। रामानंद सागर जी के पुत्र प्रेम सागर जी परलोक सिधार गए हैं। भगवान उनकी आत्मा को शांति दें और घरवालों को इस दुख की घड़ी को सहने की शक्ति दें।