PlayBreaking News

राम मंदिर चढ़ावा जांच में बड़ा मोड़!SIT ने सरकार को सौंपी रिपोर्ट, ट्रस्ट व्यवस्था में बदलाव की भी सिफारिश

अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की राशि के कथित गबन की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने अपनी रिपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार को सौंप दी है। रिपोर्ट में मंदिर की दान व्यवस्था, नकदी गणना प्रक्रिया और प्रशासनिक ढांचे को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं। मामले की जांच अभी जारी है और आगे बड़े फैसले लिए जा सकते हैं।
Follow on Google News
SIT ने सरकार को सौंपी रिपोर्ट, ट्रस्ट व्यवस्था में बदलाव की भी सिफारिश
फाइल फोटो

लखनऊ। अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की राशि से जुड़े कथित गड़बड़ी मामले में जांच अब अहम चरण में पहुंच गई है। राज्य सरकार द्वारा गठित तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी शुरुआती रिपोर्ट उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद को सौंप दी है। रिपोर्ट में मंदिर की दान व्यवस्था और उसके संचालन से जुड़े कई पहलुओं की समीक्षा की गई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह अंतिम रिपोर्ट नहीं है और जांच अभी जारी रहेगी। प्रारंभिक निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई और संभावित सुधारों पर फैसला लिया जाएगा।

15 दिन तक चली गहन जांच

राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था। जांच टीम ने 15 जून से अपना काम शुरू किया और लगातार कई दिनों तक मंदिर से जुड़े दस्तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड और व्यवस्था की जांच की। इस दौरान टीम ने मंदिर प्रशासन और चढ़ावे की गणना से जुड़े लोगों से विस्तार से बातचीत की।  जांच के दौरान यह समझने का प्रयास किया गया कि दान राशि की गिनती और उसके सुरक्षित रखरखाव की पूरी प्रक्रिया किस तरह संचालित होती है। इसी आधार पर रिपोर्ट तैयार कर शासन को सौंपी गई है।

करीब डेढ़ सौ लोगों से लिए गए बयान

SIT ने जांच के दौरान मंदिर की व्यवस्थाओं से जुड़े लगभग 150 लोगों के बयान दर्ज किए। इनमें नकदी गणना करने वाले कर्मचारी, ट्रस्ट से जुड़े सदस्य और अन्य संबंधित लोग शामिल रहे।
जांच टीम ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र और व्यवस्थापक गोपाल राव से भी विस्तार से जानकारी ली। इसके अलावा कई कर्मचारियों और सहयोगियों के बयानों का आपस में मिलान कर तथ्यों की पुष्टि करने की कोशिश की गई।

कुछ बिंदुओं पर उठे सवाल

जांच के दौरान कुछ बयानों में अंतर सामने आया, जिसके बाद संबंधित लोगों से दोबारा पूछताछ की गई। टीम ने ट्रस्ट और बैंकिंग प्रक्रिया से जुड़े कई व्यक्तियों के लिखित बयान भी दर्ज किए हैं। रिपोर्ट में दान राशि की गणना और उसकी निगरानी व्यवस्था को और मजबूत बनाने की जरूरत बताई गई है।

ट्रस्ट व्यवस्था में सुधार की सिफारिश

SIT ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में मंदिर प्रशासनिक व्यवस्था को और व्यवस्थित बनाने के सुझाव दिए हैं। इसमें ट्रस्ट की कार्यप्रणाली की समीक्षा और प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने की बात कही गई है। रिपोर्ट में यह सुझाव भी शामिल बताया जा रहा है कि किसी वरिष्ठ अधिकारी को मंदिर का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया जाए, ताकि दान राशि और अन्य व्यवस्थाओं की निगरानी अधिक प्रभावी ढंग से हो सके।

FIR और आगे की कार्रवाई पर नजर

जांच से जुड़े सूत्रों का कहना है कि कुछ मामलों में कानूनी कार्रवाई की जरूरत पर भी विचार किया गया है। हालांकि इस संबंध में अंतिम फैसला सरकार द्वारा रिपोर्ट के विस्तृत अध्ययन के बाद ही लिया जाएगा। किसी भी व्यक्ति को पूरी तरह क्लीन चिट नहीं दी गई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जांच अभी जारी है और जरूरत पड़ने पर एसआईटी को अतिरिक्त समय भी दिया जा सकता है।

Aditi Rawat
By Aditi Rawat

अदिति रावत | MCU, भोपाल से M.Sc.(न्यू मीडिया टेक्नॉलजी) | एंकर, न्यूज़ एक्ज़िक्यूटिव की जिम्मेदारिय...Read More

नई दिल्ली
--°
बारिश: -- mmह्यूमिडिटी: --%हवा: --
Source:AccuWeather
icon

Latest Posts