PlayBreaking News

दिल्ली से लखनऊ तक दो अग्निकांड :सिस्टम की लापरवाही और नियमों की अनदेखी ने ली जानें

दिल्ली के मालवीय नगर और लखनऊ के अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड ने एक बार फिर शहरी सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दोनों मामलों में बिना फायर एनओसी, अवैध निर्माण और प्रशासनिक लापरवाही सामने आई है। जांच में कई गंभीर खामियां उजागर हुई हैं, जबकि जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई और गिरफ्तारियां भी की गई हैं।
Follow on Google News
सिस्टम की लापरवाही और नियमों की अनदेखी ने ली जानें
दिल्ली से लखनऊ तक हुए दो भीषण अग्निकांडों ने सिस्टम की घोर लापरवाही और सुरक्षा नियमों की अनदेखी की पोल खोल दी है।

दिल्ली के मालवीय नगर और लखनऊ के अलीगंज में हुए दो भीषण अग्निकांडों ने पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दोनों घटनाओं में एक जैसी लापरवाही, नियमों की अनदेखी और प्रशासनिक ढिलाई सामने आई है। बिना फायर एनओसी के चल रहे कमर्शियल भवन, संकरी एंट्री-एग्जिट और अवैध निर्माण ने कई लोगों की जान ले ली। शुरुआती जांच में यह साफ हुआ है कि दोनों हादसे सिर्फ आग नहीं बल्कि सिस्टम की चूक का नतीजा हैं।

एक जैसी खामियों से जुड़ी दोनों घटनाएं

लखनऊ के अलीगंज में जिस बिल्डिंग में आग लगी, वहां की स्थिति दिल्ली के मालवीय नगर हादसे जैसी ही पाई गई। दोनों जगहों पर बिल्डिंग में केवल एक ही संकरा रास्ता था, जिससे लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका। दिल्ली में भी होटल के बेसमेंट का गेट बंद पाया गया था, जिससे लोग फंस गए थे। लखनऊ में भी इमरजेंसी एग्जिट की कोई व्यवस्था नहीं थी और धुआं तेजी से फैलने के कारण दूसरी मंजिल पर मौजूद लोग बाहर नहीं निकल पाए।

अवैध निर्माण और नियमों की अनदेखी

जांच में यह भी सामने आया है कि लखनऊ की बिल्डिंग का नक्शा रिहायशी उपयोग के लिए पास कराया गया था, लेकिन उसमें कमर्शियल कॉम्प्लेक्स बना दिया गया। इसी तरह दिल्ली के मामले में भी तय सीमा से ज्यादा निर्माण और अवैध कमरे बनाए गए थे। लखनऊ में बेसमेंट को कपड़ों के अवैध गोदाम के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था, जिससे आग फैलने की गति और तेज हो गई।

Breaking News

प्रशासनिक कार्रवाई और गिरफ्तारियां

लखनऊ अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दो सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। लखनऊ विकास प्राधिकरण, बिजली विभाग और फायर ब्रिगेड के चार अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार भी किया है। वहीं दिल्ली मामले में भी पहले ही जांच में कई अनियमितताएं सामने आ चुकी हैं और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हुई है।

विवादों से जुड़े मालिकों के नाम भी आए सामने

लखनऊ की बिल्डिंग के सह-मालिक सुरेंद्र शुक्ल का नाम पहले भी सीपीएमटी पेपर लीक मामले में सामने आ चुका है। उन पर अपनी बेटी को फायदा पहुंचाने के लिए पेपर लीक साजिश में शामिल होने के आरोप लगे थे, हालांकि पर्याप्त सबूत न मिलने पर उन्हें राहत मिल गई थी। वहीं उनके भाई वीरेंद्र शुक्ल पर जमीन से जुड़े कई विवादों के आरोप भी लगते रहे हैं। इसी तरह दिल्ली मालवीय नगर मामले में होटल मालिक लवकेश बजाज का नाम भी सामने आया है, जिन पर 2025 में फर्जी दस्तावेज बनवाने और अवैध गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लग चुके हैं।

ये भी पढ़ें: सीहोर में भीषण हादसा: हाईवे पर चावल से भरा ट्रक पलटा, कुछ ही सेकंड में उठीं आग की लपटें, हादसे की जांच में जुटा प्रशासन

जांच जारी, सिस्टम पर सवाल बरकरार

मुख्यमंत्री की ओर से गठित एसआईटी में पर्यटन विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात और एडीजी लखनऊ जोन प्रवीण कुमार को शामिल किया गया है। टीम को सात दिन में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। जांच में बिल्डंग निर्माण, नक्शा स्वीकृति, बिजली लोड और प्रशासनिक लापरवाही जैसे सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जाएगी।दोनों हादसों ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या नियम सिर्फ कागजों तक सीमित रह गए हैं और जमीनी स्तर पर सिस्टम पूरी तरह विफल हो चुका है।

Sona Rajput
By Sona Rajput

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन किया है। साल 2022 ...Read More

नई दिल्ली
--°
बारिश: -- mmह्यूमिडिटी: --%हवा: --
Source:AccuWeather
icon

Latest Posts