MP राज्यसभा चुनाव :रेस में कमलनाथ सबसे आगे, OBC-SC-ST और ब्राह्मण-क्षत्रिय चेहरों पर भी नजर

भोपाल। मध्यप्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों के लिए राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। नामांकन प्रक्रिया 8 जून तक चलेगी। इन तीन सीटों में दो सीटें बीजेपी और एक सीट कांग्रेस के खाते में मानी जा रही है। चुनाव 18 जून को होने हैं। कांग्रेस की सीट पर उम्मीदवार कौन होगा, इसे लेकर दिल्ली से भोपाल तक बैठकों और चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
सूत्रों के मुताबिक, कर्नाटक में नए मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के शपथ ग्रहण समारोह के बाद कांग्रेस नेतृत्व दिल्ली में बैठक कर सकता है। माना जा रहा है कि अगले दो दिनों में उम्मीदवार के नाम पर अंतिम फैसला हो सकता है।
रेस में कमलनाथ सबसे आगे
कांग्रेस की मौजूदा राज्यसभा सीट पर सबसे ज्यादा चर्चा पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के नाम को लेकर है। इसकी बड़ी वजह यह है कि मौजूदा सांसद दिग्विजय सिंह तीसरी बार राज्यसभा जाने से सार्वजनिक तौर पर इनकार कर चुके हैं।
हालांकि कांग्रेस के अंदरूनी सूत्र मानते हैं कि दिग्विजय सिंह का नाम अभी पूरी तरह बाहर नहीं हुआ है। अंतिम फैसला कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और सोनिया गांधी के हाथ में माना जा रहा है। अगर पार्टी नेतृत्व चाहे, तो दिग्विजय सिंह तीसरी बार भी राज्यसभा भेजे जा सकते हैं। कमलनाथ के मामले में भी सोनिया गांधी की राय को बेहद अहम माना जा रहा है।
जीतू पटवारी की भी मजबूत दावेदारी
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भले ही सार्वजनिक रूप से खुद को राज्यसभा की दौड़ से अलग बताया हो, लेकिन पार्टी के अंदर उनकी सक्रियता की चर्चा है। राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि जीतू पटवारी पर्दे के पीछे अपने समर्थन को मजबूत करने में लगे हैं। उन्हें संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी के करीबी नेताओं में गिना जाता है, जिससे उनकी दावेदारी को बल मिल सकता है।
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जातीय समीकरणों पर रहेगा खास फोकस
कांग्रेस सिर्फ बड़े नामों पर ही नहीं, बल्कि जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों को ध्यान में रखकर भी उम्मीदवार तलाश रही है। पार्टी 2028 विधानसभा चुनाव की रणनीति को देखते हुए सामान्य, ओबीसी, एससी और एसटी वर्ग से आने वाले नेताओं के नामों पर विचार कर रही है।
इस सूची में अरुण यादव, कमलेश्वर पटेल और सज्जन सिंह वर्मा जैसे नेताओं के नाम चर्चा में हैं। कमलेश्वर पटेल को ओबीसी और खासकर कुर्मी वोट बैंक के लिहाज से अहम चेहरा माना जा रहा है। वे NSUI और युवा कांग्रेस से लेकर कमलनाथ सरकार में मंत्री पद तक लंबा राजनीतिक अनुभव रखते हैं। अब सबकी नजर कांग्रेस हाईकमान के फैसले पर है कि पार्टी अनुभव पर दांव लगाएगी या नए सामाजिक समीकरणों के साथ नया चेहरा सामने लाएगी।
कौन सी सीटें खाली हो रही?
मध्यप्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों का कार्यकाल 21 जून 2026 को खत्म हो रहा है। इनमें बीजेपी के जॉर्ज कुरियन और सुमेर सिंह सोलंकी, जबकि कांग्रेस के दिग्विजय सिंह की सीट शामिल है। इन सीटों पर नए सांसद चुनने के लिए जून में चुनाव कराया जाएगा।
कैसे होता है राज्यसभा चुनाव?
राज्यसभा चुनाव सीधे जनता नहीं करती। इसमें संबंधित राज्य की विधानसभा के निर्वाचित विधायक वोट डालते हैं। चुनाव ‘सिंगल ट्रांसफरेबल वोट’ और आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली से होता है। यानी विधायक उम्मीदवारों को पसंद के क्रम में वोट देते हैं और उसी आधार पर विजेता तय होता है। चुनाव इस महीने 18 जून को होने हैं।
MP विधानसभा में किस पार्टी की कितनी ताकत?
मध्यप्रदेश विधानसभा में इस समय बीजेपी के पास 164 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के 64 विधायक हैं। संख्या बल के हिसाब से बीजेपी दो सीटों पर मजबूत स्थिति में मानी जा रही है। वहीं कांग्रेस अपनी एक सीट बचाने की रणनीति पर काम कर रही है। यही वजह है कि उम्मीदवार चयन और राजनीतिक गणित दोनों दलों के लिए अहम बने हुए हैं।











