रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक बुजुर्ग महिला को गूगल पर नंबर खोजने की कीमत लाखों रुपये गंवाकर चुकानी पड़ी। ठग ने खुद को बैंक मैनेजर बताकर महिला को अपने जाल में फंसाया और धीरे-धीरे उनके बैंक खातों से करीब 1.84 लाख रुपये निकाल लिए।
यह घटना एक बार फिर यह साबित करती है कि ऑनलाइन दुनिया में छोटी सी लापरवाही भी बड़ी ठगी में बदल सकती है। खासतौर पर बुजुर्ग लोगों को निशाना बनाकर ठग इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं, जिससे सतर्क रहने की जरूरत और भी बढ़ जाती है।
पूरा मामला राजपुर के न्यू राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र का है। 78 वर्षीय महिला ज्योति सिंह को एक जरूरी बैंक काम के लिए मैनेजर से संपर्क करना था। उन्होंने गूगल पर UCO Bank के मैनेजर का नंबर खोजा। सर्च के दौरान उन्हें एक मोबाइल नंबर मिला, जिसे उन्होंने सही समझकर कॉल कर लिया। यहीं से ठगी की पूरी कहानी शुरू हो गई। फोन उठाने वाले व्यक्ति ने खुद को बैंक मैनेजर बताया और पूरी आत्मविश्वास के साथ महिला से बात की, जिससे उन्हें उस पर भरोसा हो गया।
कॉल करने पर सामने वाले व्यक्ति ने अपना नाम अजय कुमार बताया और खुद को UCO Bank का मैनेजर कहा। उसने महिला को भरोसा दिलाया कि वह उनके बैंक से जुड़े सभी काम आसानी से करवा देगा। धीरे-धीरे उसने बातचीत के जरिए महिला का विश्वास जीत लिया। बुजुर्ग महिला ने उसकी बातों पर भरोसा कर लिया और उसकी बताई गई प्रक्रिया को मानने लगीं। यहीं से ठग ने अपने प्लान को आगे बढ़ाया और महिला को जाल में फंसाने की पूरी तैयारी कर ली।
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ठग ने महिला से कहा कि बैंक से जुड़ी समस्या को हल करने के लिए उन्हें एक एप डाउनलोड करना होगा। महिला ने उसकी बात मानते हुए अपने मोबाइल में वह एप इंस्टॉल कर लिया। एप डाउनलोड होते ही ठग को महिला के फोन तक पहुंच मिल गई। इसके बाद उसने महिला से उनके डेबिट और क्रेडिट कार्ड की जानकारी भी ले ली। इस तरह उसने धीरे-धीरे सारी जरूरी जानकारी हासिल कर ली, जो किसी भी बैंक खाते से पैसे निकालने के लिए काफी होती है।
जानकारी मिलने के बाद ठग ने महिला के खातों से पैसे निकालना शुरू कर दिया। बताया गया कि महिला के ICICI Bank और HDFC Bank खातों से कुल 1,84,111 रुपये ट्रांसफर कर लिए गए। यह पूरी प्रक्रिया इतनी तेजी से हुई कि महिला को शुरुआत में इसका अंदाजा भी नहीं लगा। जब तक उन्हें शक हुआ, तब तक पैसे उनके खातों से निकल चुके थे।
कुछ समय बाद जब महिला को गड़बड़ी का एहसास हुआ, तो उन्होंने तुरंत बैंक के कस्टमर केयर से संपर्क किया। उन्होंने अपने खातों को फ्रीज करवाया और कार्ड ब्लॉक करा दिए। हालांकि, तब तक काफी देर हो चुकी थी और ठग पैसे निकाल चुका था। इसके बाद महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
इस मामले में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई। ठग ने महिला के फोन में कॉल फॉरवर्डिंग चालू कर दी थी और व्हाट्सएप की टू-स्टेप वेरिफिकेशन भी बदल दी थी। इसका मतलब यह है कि वह महिला के फोन और उनके संपर्कों तक भी पहुंचने की कोशिश कर रहा था। यह तरीका साइबर ठगों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली नई तकनीकों को दिखाता है।
रायपुर पुलिस ने महिला की शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब उस मोबाइल नंबर और अन्य डिजिटल सबूतों के आधार पर जांच कर रही है, जिससे आरोपियों तक पहुंचा जा सके। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को पकड़ने की कोशिश की जाएगी।