रायपुर के कचना इलाके में 4 अप्रैल को एक गंभीर हादसा हुआ। यहां रहेजा प्रोजेक्ट की निर्माणाधीन साइट पर काम कर रहे कारपेंटर गुड्डू रवि (32) मिट्टी धंसने की घटना में जिंदा दब गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना खम्हारडीह थाना क्षेत्र में हुई।
स्थानीय पुलिस और मजदूरों के अनुसार, शनिवार को साइट पर करीब 2 दर्जन मजदूर काम पर लगे थे। गुड्डू रवि शटरिंग के काम के लिए गड्ढे में उतरे थे, जिसकी गहराई लगभग 8 फीट थी। जैसे ही उनका साथी पानी पीने के लिए बाहर गया, अचानक गड्ढे में लगे मिट्टी के ढेर का मलबा गुड्डू रवि पर गिर गया।
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साथियों ने उन्हें निकालने की कोशिश की, लेकिन मलबे के दबाव और दम घुटने के कारण गुड्डू की सांसे रुक गईं। स्थानीय ठेकेदार ने बताया कि अस्पताल पहुंचने तक उनकी मौत हो चुकी थी।
गुड्डू रवि झारखंड के गढ़वा जिले के निवासी थे। उनके भाई पुलेंदर कुमार रायपुर पहुंचे और दुखद खबर पाई। उन्होंने बताया कि गुड्डू एक महीने पहले काम के लिए रायपुर आया था। दोपहर को उनसे बात हुई थी, लेकिन शाम को उन्हें फोन आया कि भाई की तबीयत अचानक खराब हो गई है।
पुलेंदर ने आरोप लगाया कि परिवार को हादसे की सही जानकारी नहीं दी गई और उन्हें बताया गया कि गुड्डू की तबीयत बीमारी के कारण बिगड़ी। जब परिजन मेकाहारा पहुंचे, तो उन्होंने भाई को मृत पाया।
खम्हारडीह थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारी बता रहे हैं कि हादसे के पीछे निर्माण स्थल पर सुरक्षा उपायों की कमी एक बड़ी वजह हो सकती है। हादसे के दौरान साइट पर कितनी सुरक्षा व्यवस्था थी और मजदूरों को सुरक्षा निर्देश दिए गए थे या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है।
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यह घटना कचना इलाके में रहेजा प्रोजेक्ट की साइट पर हुई है, जहां क्लब हाउस का निर्माण चल रहा था। मजदूरों और स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण स्थलों पर सुरक्षा उपायों की अनदेखी अक्सर होती है। इस हादसे ने इस मुद्दे को फिर से उजागर कर दिया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, गड्ढे में शटरिंग या खुदाई का काम करते समय सुरक्षा हेलमेट, सेफ्टी बेल्ट और मिट्टी के ढेर को स्थिर करने जैसी सावधानियां बहुत जरूरी हैं।
गुड्डू रवि की मौत केवल एक हादसा नहीं, बल्कि निर्माण क्षेत्र में सुरक्षा नियमों की अनदेखी का परिणाम भी है। प्रशासन और ठेकेदारों के लिए यह एक चेतावनी है कि मजदूरों की सुरक्षा पर गंभीर ध्यान दिया जाए।
परिवार ने भी कहा कि उन्हें हादसे की असली जानकारी समय पर दी जानी चाहिए थी। मजदूरों के लिए सुरक्षित वातावरण और समय पर सूचना, दोनों ही जरूरी हैं।