Punjab Road Rage Firing:रोड रेज के बाद चली गोलियां, अमृतपाल सिंह का नाम आया सामने, पुलिस ने बताई पूरी सच्चाई

पंजाब के रूपनगर (रोपड़) जिले में सोमवार रात रोड रेज की एक घटना ने लोगों को दहशत में डाल दिया। दो पक्षों के बीच सड़क पर रास्ता देने को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते इतना बढ़ गया कि एक व्यक्ति ने कथित तौर पर कई राउंड फायरिंग कर दी। हालांकि इस घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं है। घटना के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह की अफवाहें फैलने लगीं। कुछ पोस्ट में दावा किया गया कि इस हमले का संबंध खडूर साहिब से सांसद और जेल में बंद अमृतपाल सिंह के समर्थकों से है। इतना ही नहीं, कुछ लोगों ने यह भी लिखा कि शिकायतकर्ता का अपहरण करने की कोशिश की गई थी। लेकिन पुलिस ने इन सभी दावों को पूरी तरह गलत और भ्रामक बताया है।
सोशल मीडिया पर फैली अफवाह, पुलिस ने किया खंडन
घटना के बाद सोशल मीडिया पर तेजी से पोस्ट वायरल होने लगीं। इनमें दावा किया गया कि शिकायतकर्ता वरिंदर सिंह पर हमला अमृतपाल सिंह के समर्थकों ने किया और उसे अगवा करने की कोशिश भी की। लेकिन रोपड़ पुलिस ने साफ किया कि जांच में ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है। पुलिस का कहना है कि इस मामले का अमृतपाल सिंह या उनके किसी समर्थक से कोई संबंध नहीं है। थाना प्रभारी (SHO) सिमरनजीत सिंह ने कहा कि शिकायतकर्ता के बयान और पुलिस जांच, दोनों में कहीं भी अमृतपाल सिंह का नाम सामने नहीं आया है। इसलिए सोशल मीडिया पर चल रही बातें पूरी तरह निराधार हैं।
रास्ता देने को लेकर शुरू हुआ था विवाद
पुलिस के अनुसार, यह पूरा मामला रोड रेज का है। सोमवार रात दो वाहन सड़क पर आमने-सामने आए। इसी दौरान पहले रास्ता देने को लेकर दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई। बहस कुछ ही देर में झगड़े में बदल गई। आरोप है कि एक पक्ष के व्यक्ति ने गुस्से में आकर अपनी लाइसेंसी या अवैध हथियार से कई राउंड फायरिंग कर दी। यह घटना रसूलपुर और सलेमपुर गांव के बीच हुई।
नशे में था आरोपी, परिवार के साथ कर रहा था सफर
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी जसवीर सिंह, समरोली गांव का रहने वाला है। घटना के समय वह कथित तौर पर शराब के नशे में था और अपने परिवार के साथ वाहन में यात्रा कर रहा था। रास्ते में हुए विवाद के बाद उसने गुस्से में गोलियां चला दीं। पुलिस का कहना है कि कुछ गोलियां हवा में चलाई गईं, जबकि कुछ शिकायतकर्ता की गाड़ी की ओर दागी गईं। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस फायरिंग में किसी को गोली नहीं लगी और कोई घायल नहीं हुआ।
आरोपी गिरफ्तार, कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज
घटना के तुरंत बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी जसवीर सिंह को गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर गैर-जमानती धाराओं के साथ-साथ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और यह भी जांच कर रही है कि घटना में इस्तेमाल किया गया हथियार वैध था या नहीं।
अमृतपाल सिंह का नाम क्यों आया?
पुलिस का कहना है कि लोगों के मन में भ्रम इसलिए पैदा हुआ क्योंकि शिकायतकर्ता वरिंदर सिंह पहले भी अमृतपाल सिंह से जुड़े एक चर्चित मामले में सामने आ चुके हैं। फरवरी 2023 में वरिंदर सिंह ने अमृतपाल सिंह के खिलाफ पहला मामला दर्ज कराया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि उनका अपहरण किया गया और उनके साथ मारपीट की गई थी। उस मामले के कुछ दिन बाद अमृतपाल सिंह और उनके समर्थक बड़ी संख्या में अजनाला पुलिस स्टेशन पहुंच गए थे। वहां उन्होंने अपने एक साथी की रिहाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। यह मामला उस समय पूरे देश में चर्चा का विषय बना था। इसी पुराने विवाद के कारण सोशल मीडिया पर लोगों ने इस नई घटना को भी अमृतपाल सिंह से जोड़ना शुरू कर दिया, जबकि पुलिस जांच में ऐसा कोई संबंध सामने नहीं आया।
पुलिस ने लोगों से अफवाहों से बचने की अपील की
पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर वायरल हो रही अपुष्ट जानकारी पर भरोसा न करें। पुलिस का कहना है कि जांच तथ्यों के आधार पर की जा रही है और अब तक की जांच में यह केवल रोड रेज और फायरिंग का मामला सामने आया है। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी घटना को बिना पुष्टि के किसी व्यक्ति या संगठन से जोड़ना गलत है। इससे समाज में भ्रम और तनाव फैल सकता है।
जांच जारी, पुलिस हर पहलू की कर रही पड़ताल
फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है। घटनास्थल से मिले सबूत, गवाहों के बयान और तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि यदि जांच के दौरान कोई नया तथ्य सामने आता है तो उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। अभी तक की जांच के आधार पर यह साफ है कि यह मामला सड़क पर हुए विवाद के बाद हुई फायरिंग का है और इसका अमृतपाल सिंह से कोई संबंध नहीं मिला है।











