
इंदौर एक बार फिर बड़े राजनीतिक जमावड़े का गवाह बनने जा रही है। भारतीय जनता पार्टी के ‘दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण वर्ग महाअभियान’ के तहत 22 अप्रैल से डेली कॉलेज में क्षेत्रीय कार्यशाला शुरू हो रही है, जिसमें देश के कई राज्यों से हजारों चुनिंदा कार्यकर्ता और नेता भाग लेंगे। इस विशेष प्रशिक्षण वर्ग में मध्य प्रदेश के साथ-साथ छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, गुजरात, दादर एवं नगर हवेली, नवी मुंबई और अंडमान-निकोबार से करीब 3 से 4 हजार प्रतिनिधि शामिल होंगे। इन प्रतिभागियों को जिला स्तर पर होने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए तैयार किया जाएगा, जिससे संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूत किया जा सके।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
आयोजन को लेकर सुरक्षा और अनुशासन के बेहद कड़े इंतजाम किए गए हैं। कार्यशाला स्थल पर मोबाइल फोन और निजी वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। यहां तक कि मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं की गाड़ियां भी परिसर के बाहर ही खड़ी रहेंगी। मुख्य द्वार से आयोजन स्थल तक पहुंचाने के लिए विशेष बग्घियों की व्यवस्था की गई है, जो इस आयोजन को अलग ही भव्यता प्रदान कर रही है। बिना अधिकृत पास के किसी भी व्यक्ति को प्रवेश नहीं मिलेगा।
मेहमानों का आगमन
मंगलवार से ही इंदौर में मेहमानों का आगमन शुरू हो गया है। नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा के अनुसार, नर्मदा एक्सप्रेस और वंदे भारत जैसी ट्रेनों के अलावा हवाई मार्ग से भी बड़ी संख्या में अतिथि पहुंच रहे हैं। रेलवे स्टेशन पर तीन और एयरपोर्ट पर एक स्वागत काउंटर बनाए गए हैं, जहां आने वाले नेताओं को एक विशेष स्वागत किट प्रदान की जा रही है।
बीजेपी के झंडों और होर्डिंग्स
मेहमाननवाजी के लिए मशहूर इंदौर ने इस आयोजन में भी कोई कमी नहीं छोड़ी है। कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कार्यकर्ताओं को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अतिथियों के साथ शालीन और सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाए। शहर के प्रमुख मार्गों एयरपोर्ट से डेली कॉलेज और रिंग रोड तक को बीजेपी के झंडों और होर्डिंग्स से सजाया गया है, जिससे पूरे शहर में सियासी माहौल साफ नजर आ रहा है।
मेहमानों को पोहा-जलेबी, कचौरी
खान-पान की व्यवस्था भी खास तौर पर इंदौरी अंदाज में की गई है। मेहमानों को पोहा-जलेबी, कचौरी जैसे स्थानीय व्यंजनों के साथ केसर स्लाइस और मोती पाक जैसी मिठाइयों का स्वाद चखने का मौका मिलेगा। इस प्रशिक्षण वर्ग में कृष्णमुरारी मोघे, गौरव रणदिवे और डॉ. दिव्या गुप्ता जैसे वरिष्ठ नेता शामिल होंगे, जबकि विजयवर्गीय और रणदिवे विशेष सत्रों को संबोधित कर सकते हैं।