तंबाकू नहीं देने पर हुआ कत्लेआम : हेड कांस्टेबल ने टीचर की गोली मारकर की हत्या, धरने पर बैठे शिक्षक; कॉपियां जांचने से किया इंकार

मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से बड़ी घटना सामने आई है। यहां मामूली बात पर एक हेड कॉन्स्टेबल ने स्कूल टीचर को गोलियों से भून दिया। टीचर की मौके पर ही मौत हो गई। मिली जानकारी के अनुसार, वाराणसी से पुलिस टीम के साथ टीचर यूपी बोर्ड की कॉपियां लेकर मुजफ्फरनगर आए थे। तभी यह घटना हुई। इस घटना के बाद से यूपी के कई शहरों में शिक्षक धरने पर बैठ गए और कॉपियां जांचने का काम रोक दिया।
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एक ही गाड़ी से आए थे आरोपी और मृतक
वाराणसी से 14 मार्च को यूपी बोर्ड हाईस्कूल परीक्षा की कॉपी लेकर टीचर धर्मेन्द्र कुमार और संतोष कुमार चले थे। उनके साथ इंस्पेक्टर नागेन्द्र चौहान, हेड कॉन्स्टेबल चन्द्रप्रकाश और 2 अन्य कर्मचारी जितेन्द्र मौर्य और कृष्णप्रताप भी गाड़ी में थे। घटना के वक्त हेड कांस्टेबल और टीचर समेत 6 लोग वाराणसी से ट्रक में बोर्ड परीक्षा की कॉपी लेकर आए थे। गाड़ी प्रयागराज, शाहजहांपुर, पीलीभीत, मुरादाबाद और बिजनौर में कॉपियां उतारकर रविवार रात करीब 12:30 बजे मुजफ्फरनगर पहुंची। आगे ड्राइवर के साथ सब इंस्पेक्टर नागेन्द्र चौहान और अध्यापक संतोष कुमार बैठे थे। पीछे हेड कॉन्स्टेबल चन्द्रप्रकाश, अध्यापक धर्मेन्द्र कुमार व दोनों चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी बैठे थे।
बोर्ड की कॉपियां खून से सनी
हेड कांस्टेबल नशे में था। वह चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से बार-बार तंबाकू मांग रहा था। किसी को आराम नहीं करने दे रहा था। इसके बाद उसने टीचर धर्मेंद्र कुमार से भी तंबाकू मांगा। इस पर धर्मेंद्र ने आपत्ति जताई और तंबाकू देने से इनकार कर दिया। इससे चन्द्रप्रकाश को गुस्सा आया और उसने धर्मेंद्र पर अंधाधुंध गोली चलानी शुरू कर दी। इस दौरान ट्रक में मौजूद लोगों ने उसे पकड़ा लेकिन तब तक धर्मेंद्र को कई गोलियां लग चुकीं थीं। ट्रक में हर जगह खून फैल गया। यहां तक की बोर्ड की कॉपियां भी खून से सन गईं।धर्मेंद्र ने अस्पताल में तोड़ा दम
इसके बाद चंदौली जिले के रामगढ़ के बैराठ निवासी धर्मेंद्र को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। पुलिस ने आरोपी हेड कॉन्स्टेबल की कार्बाइन कब्जे में लेकर उसे हिरासत में लिया। वहीं गाड़ी में मौजूद अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया गया। पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं।












