दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन को बड़ा झटका : मनी लॉन्ड्रिंग केस में सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की जमानत अर्जी, तुरंत सरेंडर करने के आदेश

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन की रेगुलर जमानत पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। उन्हें सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी। इसी के साथ कोर्ट ने तुरंत सरेंडर करने के आदेश भी दिए हैं। बता दें कि वह स्वास्थ्य कारणों के चलते अंतरिम जमानत पर थे।
इसके बाद 26 मई 2023 को सत्येंद्र जैन को खराब स्वास्थ्य के आधार पर जमानत मिल गई थी। तब से वह इलाज करा रहे हैं और जेल से बाहर हैं। सत्येंद्र जैन के खिलाफ CBI ने 2017 में प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के तहत FIR की थी। इस FIR में सत्येंद्र जैन पर मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाया गया था। उसी के अनुसार, जैन ने 4 कंपनियों के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग की है।
तुरंत सरेंडर करें सत्येंद्र : सुप्रीम कोर्ट
मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस बेला एम त्रिवेदी की बेंच ने सत्येंद्र और सह-आरोपी अंकुश जैन की जमानत याचिका पर अपना फैसला सुनाया। जिसमें उनकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया गया। बता दें कि जैन 26 मई 2023 से मेडिकल बेल पर हैं। इससे पहले पिछली सुनवाई में कहा गया था कि, उनके वकील अभिषेक मनु सिंघवी जरूरी काम के चलते कोर्ट में पेश नहीं हो पाएंगे। ऐसे में कोर्ट ने मेडिकल ग्राउंड पर सत्येंद्र जैन की अंतरिम जमानत बढ़ा दी थी।क्या है मामला ?
ED ने सत्येंद्र जैन को दिल्ली शराब नीति घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग के मामले को लेकर 30 मई 2022 को गिरफ्तार किया था। ED ने आरोप लगाया था कि, उन्होंने उनसे जुड़ी 4 कंपनियों के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग की है।
इसके बाद 26 मई 2023 को सत्येंद्र जैन को खराब स्वास्थ्य के आधार पर जमानत मिल गई थी। तब से वह इलाज करा रहे हैं और जेल से बाहर हैं। सत्येंद्र जैन के खिलाफ CBI ने 2017 में प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के तहत FIR की थी। इस FIR में सत्येंद्र जैन पर मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाया गया था। उसी के अनुसार, जैन ने 4 कंपनियों के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग की है।












