नई दिल्ली। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इतिहास रचते हुए शुक्रवार को प्रधानमंत्री पद पर अपने 4,078 दिन पूरे कर लिए हैं। इस तरह वह देश के इतिहास में लगातार सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने वाले दूसरे नेता बन गए हैं। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के 4,077 दिनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। उनसे आगे अब केवल पंडित जवाहरलाल नेहरू हैं, जो लगातार 6,126 दिन तक भारत के प्रधानमंत्री रहे थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 मई 2014 को प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। तब से अब तक लगातार सेवा देते हुए उन्होंने 25 जुलाई 2025 को 4,078 दिन पूरे कर लिए। इससे पहले इंदिरा गांधी 24 जनवरी 1966 से लेकर 24 मार्च 1977 तक लगातार 4,077 दिन प्रधानमंत्री रहीं थीं।
मोदी अब पंडित नेहरू के 6,126 दिनों के रिकॉर्ड से 2,048 दिन पीछे हैं। अगर वे 2029 का लोकसभा चुनाव जीतकर फिर से प्रधानमंत्री बनते हैं, तो वह रिकॉर्ड भी तोड़ सकते हैं।
नरेंद्र मोदी भारत के इकलौते ऐसे नेता बन चुके हैं, जिन्होंने लगातार 24 साल से अधिक समय तक लोकतांत्रिक ढंग से चुनी गई सरकार का नेतृत्व किया है।
आजादी के बाद जन्मे पहले प्रधानमंत्री:
नरेंद्र मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को हुआ था। वे देश के पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं जो स्वतंत्र भारत में पैदा हुए।
गैर-कांग्रेसी दल से दो बार पूर्ण बहुमत:
2014 और 2019 में भाजपा को पूर्ण बहुमत दिलाने वाले मोदी पहले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री हैं।
गैर-हिंदी भाषी राज्य से आने वाले पहले पीएम:
वे गुजरात से आते हैं और पहली बार ऐसा हुआ कि कोई गैर-हिंदी भाषी राज्य का नेता लगातार तीन बार प्रधानमंत्री बना।
प्रधानमंत्री मोदी ने एक रिकॉर्ड और अपने नाम किया है – उन्होंने किसी भी पार्टी के नेता के रूप में लगातार छह चुनावों में जीत हासिल की है:
मोदी तीन लोकसभा चुनावों में लगातार जीत हासिल कर चुके हैं, ठीक वैसे ही जैसे पंडित नेहरू ने किया था। नेहरू के बाद वह पहले प्रधानमंत्री हैं जो लगातार तीन आम चुनाव जीतकर केंद्र की सत्ता में आए। अगर वे 2029 में भी जीत दर्ज करते हैं, तो लगातार चार बार प्रधानमंत्री बनने वाले पहले नेता बन जाएंगे।
मोदी का जीवन संघर्ष और सफलता की मिसाल है। वडनगर (गुजरात) में जन्मे नरेंद्र मोदी ने बचपन में रेलवे स्टेशन पर चाय बेचकर परिवार का सहारा दिया। बाद में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़कर उन्होंने राजनीति में कदम रखा और भारतीय जनता पार्टी में संगठन से लेकर शीर्ष नेतृत्व तक का सफर तय किया।