बंगाल दौरे के दौरान रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी झाड़ग्राम पहुंचे जहां उन काएक अनोखा और बेहद सरल अंदाज देखने को मिला। रैली के बाद जब वे अपने अगले कार्यक्रम के लिए हेलिपैड की ओर जा रहे थे, तभी अचानक उनका काफिला सड़क किनारे एक छोटी सी झालमुड़ी की दुकान पर रुक गया।
कॉलेज मोड़ के पास एक स्थानीय दुकानदार अपनी ठेली पर झालमुड़ी बना रहा था। पीएम मोदी खुद वहां पहुंचे और बेहद सहज अंदाज में झालमुड़ी खिलाई।
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प्रधानमंत्री मोदी ने झालमुड़ी लेने के बाद अपनी जेब से कुछ नोट निकाले। ऐसा लगा कि वे ज्यादा पैसे देने वाले हैं या नोटों में से चुन रहे हैं, लेकिन अंत में उन्होंने दुकानदार को सिर्फ 10 रुपए का नोट दिया। सबसे ज्यादा चर्चा इसी हिस्से की हो रही है।
असल वजह यह थी कि दुकानदार ने खुद बताया था कि झालमुड़ी की कीमत लगभग 5 से 10 रुपये के बीच होती है। ऐसे में प्रधानमंत्री ने बिना किसी दिखावे के, सीधे सही कीमत के हिसाब से 10 रुपये दिए। इसका मतलब यह था कि उन्होंने लोकल कीमत का सम्मान किया और जरूरत से ज्यादा पैसे नहीं दिए।
हालांकि, दुकानदार के पास UPI QR कोड मौजूद था, लेकिन पीम ने नकद का उपयोग किया। एक वजह यह भी मानी जा रही है कि यह एक अचानक हुआ रुकाव था, जहां डिजिटल पेमेंट का समय नहीं था। ऐसे में उन्होंने अपनी जेब में मौजूद नकद से ही तुरंत भुगतान कर दिया और आगे बढ़ गए।
जब दुकानदार ने झालमुड़ी के पैसे लेने से मना किया, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उसे हल्के और प्यार भरे अंदाज में समझाया। उन्होंने कहा, नहीं भाई, ऐसा नहीं होता। दुकानदार बार-बार पैसे लेने से इनकार कर रहा था, लेकिन पीएम मोदी ने मुस्कुराते हुए अपने मजाकिया अंदाज में कहा, दिमाग नहीं खाते भाई, पैसे लो। उनकी यह बात सुनकर वहां मौजूद लोग और सुरक्षाकर्मी भी हंस पड़े।